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रेलकर्मी ईएफटी काटकर जनरल कोच के यात्रियों को स्लीपर में करा रहे सफर, रेलमंत्री तक पहुंची शिकायत

Mon, 16 Jul 2018 03:33 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 16 Jul 2018 03:33 PM IST
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passengers complained to rail minister about the bad situation of sleeper coach in trains
- फोटो : डेमो
रेलवे की लापरवाही का खामियाजा स्लीपर के यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। यात्रियों ने रेलमंत्री से शिकायत कर अपना दर्द बयां किया है।
passengers complained to rail minister about the bad situation of sleeper coach in trains
डेमो - फोटो : डेमो
कोटा पूरा करने के लिए रेलकर्मी स्टेशन पर ही जनरल के यात्रियों की एक्स्ट्रा फेयर टिकट (ईएफटी) बनाकर उन्हें स्लीपर बोगियों में बिठा रहे हैं, जिससे स्लीपर की हालत बद्तर हो रही है। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ जंक्शन से शाम को रवाना होने वाली पुष्पक एक्सप्रेस की जनरल बोगी से सफर करने वालों का हुजूम रोजाना उमड़ता है। लम्बी कतारें लगती हैं और शाम को जब ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर छह पर लगती है तो बोगी में बैठने के लिए भीड़ टूट पड़ती है। जिसे नियंत्रित करने के लिए जीआरपी व आरपीएफ कर्मियों की ड्यूटी लगानी पड़ती है। 
passengers complained to rail minister about the bad situation of sleeper coach in trains
- फोटो : डेमो
बावजूद इसके जनरल बोगी में मारामारी की स्थिति बनी रहती है। पर अब स्टेशन पर एक नया ट्रेंड जोर पकड़ रहा है। जनरल का टिकट लेने वाले यात्री रेलकर्मियों से मिलकर ईएफटी बनवा लेते हैं, जिसमें जनरल व स्लीपर का डिफरेंस एमाउंट जमा करना पड़ता है। इसके बाद पैसेंजरों को स्लीपर में बैठने की अनुमति मिल जाती है। पुष्पक से भोपाल जाने वाले यात्री त्रिशक्ति ने जनरल टिकट लिया और टीटीई ने जब उसे पकड़ा तो त्रिशक्ति ने टिकट दिखाया तो टीटीई ने ईएफटी बनाकर उसे स्लीपर में बैठने को कहा। 
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passengers complained to rail minister about the bad situation of sleeper coach in trains
- फोटो : डेमो
वहीं मुम्बई में मजदूरी के लिए जा रहे प्रदीप ने भी जनरल के टिकट पर ईएफटी बनवाकर स्लीपर में बैठ गए। ऐसे ही स्लीपर की बोगियों में जनरल के करीब डेढ़ सौ यात्री बैठ गए, जिससे स्लीपर के यात्रियों का हिलना-डुलना तक मुश्किल हो गया। पैसेंजरों ने मामले की शिकायत रेलवे प्रशासन से की। पर, अनसुना कर दिया गया। इसके बाद मामला रेल मंत्रालय पहुंचा, जहां से निर्देश मिलने के बाद कार्रवाई की उम्मीद जग रही है।
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passengers complained to rail minister about the bad situation of sleeper coach in trains
डेमो
कोटा कर रहे पूरा
पैसेंजरों का कहना है कि ट्रेन में चेकिंग के दौरान व स्टेशन पर ईएफटी बनाई जानी चाहिए। न कि जनरल के पैसेंजरों को स्टेशन पर ढूंढकर उनकी ईएफटी बनाकर स्लीपर में बैठने की अनुमति देनी चाहिए। इससे अन्य यात्रियों को असुविधा होती है। पर, चेकिंग स्टाफ अपना कोटा पूरा करने के लिए स्टेशन पर ही ईएफटी बना रहे हैं।
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