फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

ओह! तो इस तरह बना रहे हैं फर्जी आंकड़ों से पर्यटन की खुशनुमा तस्वीर, ... फिर लूटते हैं वाहवाही

Mon, 04 Jun 2018 04:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 04 Jun 2018 04:26 PM IST
विज्ञापन
fake data of tourism department in lucknow
डेमो - फोटो : डेमो
आप लखनवी हैं, लेकिन जैसे ही घूमने के लिए जू, पार्क या दूसरी धरोहरों पर जाते हैं तो पर्यटक विभाग आपको पर्यटकों की सूची में दर्ज कर देगा। आप जितनी बार घूमेंगे, उतनी बार पर्यटक बनेंगे। बाकायदा पर्यटन विभाग के आंकड़ों में शामिल होंगे।
fake data of tourism department in lucknow
- फोटो : डेमो
लखनऊ का पर्यटन ऐसे ही आंकड़ों पर बढ़ रहा है। दरअसल, पर्यटन विभाग के पास पर्यटकों की सही संख्या दर्ज कराने का कोई फार्मूला ही नहीं है। इन्हीं फर्जी आंकड़ों के चलते सालाना औसतन 49.28 लाख पर्यटकों की संख्या राजधानी में दिखाई जाती है, जिसकी वाहवाही अधिकारी लूटते हैं। पर, सच्चाई इन आंकड़ों से काफी इतर है, जिस पर न तो पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी का ध्यान जा रहा है और न ही केंद्र सरकार का। 
fake data of tourism department in lucknow
- फोटो : डेमो
मालूम हो कि उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग घरेलू व विदेशी पर्यटकों की संख्या जुटाता है। इसमें विदेशी पर्यटकों की संख्या तकरीबन सही रहती है, लेकिन घरेलू पर्यटकों की संख्या में फर्जीवाड़ा होता है। इसकी वजह पर्यटकों का सही डाटाबैंक नहीं होना है। पर्यटन विभाग आंकड़े तैयार करने के लिए चिड़ियाघर, एयरपोर्ट, लखनऊ महोत्सव जैसे उत्सवों, ऐतिहासिक धरोहरों, पार्कों पर निर्भर रहता है, जहां बिकने वाले टिकटों की संख्या को पर्यटकों की संख्या में जोड़ दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
fake data of tourism department in lucknow
- फोटो : डेमो
इसके अतिरिक्त पर्यटन विभाग होटलों, रेस्टोरेंटों व गेस्ट हाउसों में आने वालों की संख्या भी लेता है, जबकि विशेषज्ञों की मानें तो पर्यटक उसे माना जाना चाहिए, जो बाहर से आए और कम से कम एक रात आपके शहर में बिताएं। वन नाइट स्टे होना जरूरी है।
विज्ञापन
fake data of tourism department in lucknow
- फोटो : डेमो
सिर्फ विदेशी पर्यटकों की होती है सही जानकारी
जब विदेशी शहर घूमने आते हैं तो लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआईयू) की रिपोर्ट मिलती है। साथ ही होटलों व एयरपोर्ट से भी सटीक जानकारी मिल जाती है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed