उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में डीआईजी चंद्र प्रकाश की पत्नी पुष्पा प्रकाश ने शनिवार को आत्महत्या कर ली है। उनका शव सुशांत गोल्फ सिटी स्थित उनके आवास के प्रथम तल पर फंदे से लटकता पाया गया। उस समय उनके घर पर नौकरों के अलावा बच्चे अनन्या (13), कृतिका ( 12 ) और सात साल का दिव्यांश थे।
तीनों भूतल के कमरों में थे, जबकि पुष्पा ने प्रथम तल पर स्थित कमरे में फांसी लगाई थी। डीआईजी ने घर पहुंचकर कमरे का दरवाजा तोड़ा तो उन्हें फंदे से लटका पाया। फंदा काटकर उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया गया जहां मृत घोषित कर दिया गया।
36 वर्षीय पुष्पा प्रकाश ने आत्महत्या क्यों की। अभी तक इसकी वजह साफ नहीं हो पाई है। मौके से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बता दें कि डीआईजी चंद्र प्रकाश हाथरस कांड की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी में बतौर सदस्य काम कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि पुष्पा प्रकाश ने खुदकुशी से पहले पति को फोन किया था। उन्होंने कहा आपकी जिंदगी आपको मुबारक हो। उस वक्त डीआईजी अपने घर से ड्यूटी के लिए गोरखपुर के लिए निकल चुके थे। पत्नी का फोन आते ही वह तुरंत लौट आए।
करीबी लोगों के मुताबिक वह बहुत जल्द आपा खोने वाली महिला थीं। छोटी सी बात पर भी नाराज हो जाती थीं। पुलिस के मुताबिक उनका पति से किसी बात को लेकर कुछ मनमुटाव हुआ होगा, जिसके चलते खुदकुशी कर ली। उनकी शादी को 16 साल हो गए थे। (जांच के लिए पहुंची फोरेंसिक टीम।)
उनका दाम्पत्य जीवन खुशहाल था। आज तक कभी ऐसे झगड़े नहीं हुए कि ऐसा घातक कदम उठाना पड़ा हो। पुष्पा मूलरूप से आजमगढ़ की थीं। उनका एक भाई हापुड़ के पिलखुआ में एसडीएम है। (डीआईजी के घर में तैनात पुलिसकर्मी।)