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आजम खां की फिर बढ़ीं मुश्किलें: हज समिति की जमीन बिक्री में रिपोर्ट दर्ज, चंदा देने वाले बिल्डर से होगी पूछताछ

Thu, 10 Sep 2026 07:53 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 10 Sep 2026 07:53 AM IST
सार

जेल में बंद सपा नेता आजम खां की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब आजम खां पर राज्य हज समिति की जमीन बेचने में गड़बड़ी के आरोप में विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया गया है। आजम खां के अलावा चार अन्य भी आरोपी बनाए गए हैं। शासन ने तीन मई 2024 को मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच में सामने आया कि आमिश डेवलपर्स को फायदा पहुंचाने के लिए जमीन बेचने में नियमों का पालन नहीं किया गया। 

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Case registered against Azam Khan regarding the sale of Hajj Committee land
Azam Khan - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सपा नेता आजम खां की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। अब उन पर राज्य हज समिति की जमीन बेचने में गड़बड़ी के आरोप में विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की है। आजम उस समय राज्य हज समिति के अध्यक्ष थे। 
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मामले में तत्कालीन सचिवों लईक अहमद व डॉ. एमएए खान, आमिश डेवलपर्स के प्रोपराइटर मो. अयूब और मुस्तकीम अहमद को भी आरोपी बनाया गया है। विजिलेंस जांच में जमीन की बिक्री से समिति को 2.08 करोड़ रुपये के राजस्व के नुकसान की पुष्टि हुई है।
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विजिलेंस के लखनऊ सेक्टर में इंस्पेक्टर ध्रुव चंद्र मौर्य की तहरीर पर दर्ज एफआईआर के मुताबिक राजधानी के ऐशबाग क्षेत्र के कायमखेड़ा (दुगांवा) में खसरा संख्या-117 में हज समिति की करीब 60 हजार वर्गफीट जमीन थी।
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विजिलेंस के लखनऊ सेक्टर में दर्ज हुई एफआईआर, 4 अन्य भी आरोपी
विजिलेंस को शिकायत मिली थी कि जमीन की बिक्री में आजम व अन्य आरोपियों ने निजी फर्म को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया और जमीन बिक्री में नियमों को नजर अंदाज किया गया। जांच के बाद विजिलेंस ने धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर विवेचना इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह को सौंपी है।

 

शासन ने तीन मई 2024 को मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच में सामने आया कि आमिश डेवलपर्स को फायदा पहुंचाने के लिए जमीन बेचने में नियमों का पालन नहीं किया गया। 

जौहर ट्रस्ट को चंदा देने वाले रामपुर के बिल्डर खालिद से होगी पूछताछ
पूर्व मंत्री आजम खां के करीबी माने जाने वाले बिल्डर एवं ठेकेदार सैयद खालिद से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पूछताछ करने जा रहा है। ईडी उनको समन भेजकर राजधानी स्थित जोनल कार्यालय में तलब करेगा। वह जौहर एसोसिएट फर्म से जुड़े बताए जाते हैं और दिल्ली समेत कई शहरों में रिहायशी प्रोजेक्ट के निर्माण का कार्य करते हैं। 

 

इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक बिल्डर भी रडार पर आ चुके हैं। ईडी ने बीते माह जौहर ट्रस्ट के ठिकानों पर छापे मारे थे, जिसमें कई बिल्डरों और ठेकेदारों द्वारा चंदा देने के सुराग हाथ लगे थे। रामपुर और दिल्ली के यह लोग आजम के करीबियों में माने जाते थे। जांच में पता चला कि बजट की रकम का बड़ा हिस्सा ट्रस्ट को बतौर चंदा दिया गया। 

 

60 करोड़ तक पहुंची रकम
ईडी ने जांच में पता लगाया कि दिल्ली, लखनऊ, नोएडा, रामपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर, सहारनपुर, मेरठ, बरेली के कई ठेकेदारों, कारोबारियों, शैक्षणिक संस्थानों ने जौहर ट्रस्ट को चंदा दिया था। इनमें से कुछ लोगों से ईडी ने दो वर्ष पहले पूछताछ की थी, उन्होंने कबूला था कि चंदे की रकम का चेक देने के बदले उन्हें नगदी दी गई थी। जांच में 60 करोड़ की राशि चंदे में मिलने और कुछ शेल कंपनियों का इस्तेमाल होने के सुराग मिलने पर दोबारा पड़ताल की जा रही है।
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