ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में जहां मोदी सरकार द्वारा तीन तलाक पर लाए जा रहे विधेयक को पूरी तरह खारिज कर दिया गया। वहीं, इस पर यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेगी।
मीडिया से बातचीत ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक के खिलाफ भाजपा को समर्थन दिया है। हम मुस्लिम महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के विरोध में मजबूती से खड़े हैं और खड़े रहेंगे। केंद्र की मोदी सरकार इससे पीछे हटने वाली नहीं है।
इसी मसले पर मामले पर मुस्लिम धर्मगुरू साजिद रशीदी ने भाजपा पर तीन तलाक के जरिए 2019 के लोकसभा चुनाव में लाभ लेने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ये मजहबी मामला है सरकार को इस पर मुस्लिम संगठनों से बात करनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया। जो कि दिखाता है कि इसके पीछे उनकी मंशा ठीक नहीं है। भाजपा एंटी मुस्लिम- एंटी इस्लामिक है।
गौरतलब है कि लखनऊ के नदवा कॉलेज में रविवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की हुई बैठक में इस बिल को पूरी तरह खारिज कर दिया गया। बोर्ड ने इसे शरीयत कानून में सरकार की दखलंदाजी बताते हुए संविधान के मूल्यों के खिलाफ करार दिया है। बोर्ड का मानना है कि शादीशुदा मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की हिफाजत के नाम पर पेश हो रहे बिल से खुद महिलाओं का नुकसान ज्यादा है। इससे परिवार बिखर जाएंगे। बोर्ड अध्यक्ष मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी बोर्ड की मंशा से पीएम नरेंद्र मोदी को अवगत कराएंगे।
बैठक में पदाधिकारियों ने लोकसभा में पेश होने वाले इस बिल के खिलाफ जनता के साथ ही विपक्ष को भी तैयार करने पर सहमति बनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक के बाद बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना खलीलुर्रहमान सज्जाद नोमानी ने कहा कि शादीशुदा मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की हिफाजत के नाम पर लोकसभा मे पेश किया जा रहा बिल मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ है। इस बिल के कानून मे तब्दील होने से महिलाओं को कोई फायदा तो नही होने वाला है, बल्कि नुकसान जरूर होगा। उन्होंने बिल को संविधान में मिले मजहबी अधिकार के खिलाफ बताते हुए कहा कि इस बिल की दफा 4,5,6,7 देश मे पहले से मौजूद कानून गार्डियन एंड वार्ड्स एक्ट से टकराती है। साथ ही संविधान की धारा 14 व 15 के भी खिलाफ है।