लखनऊ में गाजीपुर के मुंशीपुलिया स्थित कीर्ति मेडिकल स्टोर में रविवार सुबह अजय त्रिपाठी (38) ने फांसी लगा ली। उनका शव दुकान के अंदर पंखे से लटकता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजवाया।
पुलिस के मुताबिक, कारोबारी कर्जे में था। इसीलिए खुदकुशी की है। पुलिस के हाथ सुसाइड नोट भी लगा है। परिवारीजनोें ने कारोबारी की आंखें दान कर दी हैं।
गाजीपुर के चंदन विहार फरीदीनगर निवासी बजरंगी त्रिपाठी का बेटा अजय मुंशी पुलिया पर दवा की दुकान चलाता था। भाई विनय त्रिपाठी के मुताबिक, रविवार को बाजार बंद रहता है, लेकिन अजय सुबह पत्नी गीता से दुकान जाने की बात कहकर निकला था। काफी देर तक वापस न लौटने पर पत्नी ने इसकी जानकारी परिवारीजनों को दी।
विनय दुकान पर पहुंचे तो ताला खुला था। विनय शटर उठाकर अंदर दाखिल हुए तो अजय का शव गमछे के सहारे पंखे से लटकता मिला। विनय की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव नीचे उतारा।
दुकान की तलाशी में एक सुसाइड नोट मिला। जिसमें उन्होंने मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताते हुए लिखा था कि वह कोई गलत काम नहीं करते थे। कोई नशेबाजी नहीं करते थे। भगवान उनके परिवार व बच्चों की मदद करें।