लखनऊ के कृष्णानगर स्थित फीनिक्स मॉल के बाहर सोमवार शाम पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद बाइक सवार बदमाश ने सिक्योरिटी गार्ड ज्ञानेंद्र सिंह (38) को गोली मार दी। भीड़भरी जगह पर गोली चलने से हड़कंप मच गया। सूचना पाकर गार्ड के साथी और मॉल प्रबंधन के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। गोली गार्ड की पीठ पर लगी है। उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में गोली मारकर भागते हुए बदमाश की फोटो मिल गई है।(लाल घेरे में गोली मारने वाला बदमाश।)
एएसपी पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्र ने बताया कि वारदात शाम पांच बजे हुई। मॉल के सभी गेट पर जेएसएस ग्रुप के सिक्योरिटी गार्ड तैनात हैं। शाम लगभग पौने पांच बजे सफेद रंग की बाइक पर सवार बदमाश मॉल के गेट नंबर दो के पास आया और बाइक खड़ी कर दी। गेट पर ज्ञानेंद्र और रवींद्र की ड्यूटी थी। ज्ञानेंद्र ने उसे बाइक हटाने के लिए कहा तो बदमाश भिड़ गया। उसने गाली-गलौज शुरू कर दी। ज्ञानेंद्र ने विरोध किया तो बदमाश उसे अंजाम भुगतने की चेतावनी देते हुए चला गया। करीब 15 मिनट बाद बदमाश लौटकर आया। उस वक्त ज्ञानेंद्र सड़क पर खड़ा होकर कार में बैठे किसी व्यक्ति से बात कर रहा था। बदमाश पैदल ही पीछे से आया और उसकी पीठ पर गोली मार दी।
इसके बाद वह फीनिक्स मॉल चौकी की तरफ से कानपुर रोड होते हुए भाग निकला। उधर, गोली की आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। ज्ञानेंद्र का साथी रवींद्र शोर मचाते हुए गेट नंबर एक पर तैनात सुरक्षाकर्मी महमूद आलम व जयवीर सिंह के पास पहुंचा और साथी को गोली मारने की जानकारी दी। मौके पर भीड़ जुट गई।
एएसपी पूर्वी का कहना है कि ज्ञानेंद्र मूलरूप से हरदोई के सुभानखेड़ा का है और यहां पारा के देवपुर में किराये के मकान में रहता है। उसके परिवारीजनों को सूचना दे दी गई है। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाई गई है, जिसमें एक बदमाश सिक्योरिटी गार्ड को गोली मारकर भागता हुआ नजर आ रहा है। उसकी पहचान की जा रही है।
गोली लगने के बाद भी हमलावर को दबोचने दौड़ा था गार्ड
ज्ञानेंद्र सिंह ने पीठ पर गोली लगने के बाद भी हिम्मत नहीं खोई। वह घायल अवस्था में ही हमलावर के पीछे दौड़ पड़ा। उसे पकड़ने की कोशिश की लेकिन कुछ दूर जाते ही कदम लड़खड़ा गए। ज्ञानेंद्र ने शोर मचाकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया लेकिन तब तक हमलावर भाग चुका था।