लखनऊ के गोमतीनगर के विनीत खंड में किराए पर रह रहे युवक ने शुक्रवार रात तीन दोस्तों के साथ जाम लड़ाए। इसके बाद चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी गई। कमरे पर बाहर से ताला लगाकर कातिल फरार हो गए। दुर्गंध फैलने पर मकान मालिक ने पुलिस को कॉल की। पुलिस ने ताला तोड़कर देखा तो बिस्तर पर युवक का खून से लथपथ शव पड़ा था। रिलायंस इंश्योरेंस कंपनी व एक डेवलपर के यहां नौकरी करने वाले युवक के खिलाफ गोरखपुर में चोरी के तीन मुकदमे दर्ज थे।
एसओ गोमतीनगर धीरेंद्र शुक्ला ने बताया कि विनीत खंड में ट्रांसपोर्टर रामकिशोर वर्मा ने मकान के बेसमेंट में बने कमरे से भीषण दुर्गंध महसूस होने पर शनिवार रात पुलिस को कॉल की। ताला तोड़कर देखा तो तख्त पर बिछे बिस्तर पर किराएदार विजय मिश्रा (28) का खून से लथपथ शव पड़ा था। इस पर गोरखपुर के मोहल्ला उत्तरी अलीनगर में रहने वाले विजय के परिवारीजनों को फोन करके हत्या की सूचना दी गई।
वहां से आए उसके भाई संतोष कुमार मिश्रा ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ घर में घुसकर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। मकान मालिक रामकिशोर व उनके बेटे सचिन वर्मा ने पुलिस को बताया कि रिलायंस इंश्योरेंस कंपनी व श्रीराज इंफ्रा हाउसिंग में सेल्स का काम देखने वाले विजय मिश्रा ने दो महीने पहले कमरा किराए पर लिया था।
हंगामे पर लगाई थी फटकार
रामकिशोर वर्मा ने पड़ताल कर रहे पुलिस अधिकारियों को बताया कि स्कूटी व बाइक सवार तीन युवक शुक्रवार रात विजय से मिलने आए थे। चारों लोगों ने साथ बैठकर जाम लड़ाए। तेज आवाज आने पर रामकिशोर ने कमरे में जाकर फटकार लगाई। कहा कि शराब पीकर हुड़दंग मचाना हो तो कमरा खाली कर देना। इस पर विजय व उसके दोस्तों ने सॉरी बोला। उन्होंने शनिवार सुबह कमरे पर ताला लटका देखा। सोचा कि विजय काम पर चला गया होगा। बेसमेंट में ही दूसरे कमरे में किराएदार ने देरशाम दुर्गंध महसूस की। विजय के कमरे से दुर्गंध बढ़ने पर उसने रामकिशोर को जानकारी दी।
चोरी में जेल की हवा खा चुका था विजय
एसओ गोमतीनगर ने गोरखपुर की कोतवाली सदर के इंस्पेक्टर से विजय मिश्रा के बारे में तहकीकात की। पता चला कि वह चोरी के तीन व एनडीपीएस एक्ट के एक मुकदमे में जेल की हवा खा चुका है। पिता अर्जुन प्रसाद मिश्रा बिजली विभाग में लाइनमैन थे और भाई संतोष टेम्पो चलवाता है। विजय की पत्नी नीरज अपने पांच साल के बेटे रुद्र के साथ गोरखपुर स्थित ससुराल में रह रही है। (युवक विजय जिसकी हत्या हुई।)