हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने परिषदीय विद्यालयों में होने वाली 69000 सहायक शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। मामले पर अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी। बता दें कि शिक्षक भर्ती के लिए जिलों में 3 जून से 6 जून तक काउंसलिंग होनी थी।
काउंसलिंग के पहले दिन ही प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश हाईकोर्ट ने दे दिया। इसके बाद भी प्रदेश के जिलों में काउंसलिंग होती रही। हालांकि लिखित में आदेश मिलने के बाद काउंसलिंग स्थगित कर दी गई। पूछने पर रायबरेली में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि अभी हमें शासनादेश नहीं मिला है। इसी तरह अयोध्या, गोंडा व लखनऊ जिले में भी आदेश मिलने तक काउंसलिंग की प्रक्रिया जारी रही।
कोर्ट का आदेश मिलने के बाद चयनित अभ्यर्थियों ने फैसले पर निराशा जाहिर की। अयोध्या के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 318 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होनी थी। इसी तरह लखनऊ में भी लिखित में आदेश मिलने के बाद काउंसलिंग रोक दी गई।
लखनऊ में काउंसलिंग के लिए अभ्यर्थी पहुंचे। वो खुश थे कि लंबी प्रक्रिया के बाद दो से तीन दिनों में उन्हें नियुक्ति पत्र मिल जाएगा लेकिन अब वो निराश हैं।
दरअसल, याचियों ने शिक्षक भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा के 13 सवालों पर आपत्ति जताई थी। याचियों का कहना था कि इन सवालों के उत्तर एनसीईआरटी की किताबों में कुछ और है जबकि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई आंसर सीट में उत्तर कुछ और है। जिस पर हाईकोर्ट ने एक जून को सुनवाई करते हुए अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
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काउंसलिंग
- फोटो : amar ujala
बुधवार को जस्टिस आलोक माथुर की बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए आदेश दिया कि अभ्यर्थी विवादित प्रश्नों पर अपनी आपत्तियों को एक सप्ताह के अंदर राज्य सरकार को भेजे और राज्य सरकार इन आपत्तियों को यूजीसी को भेजेगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 जुलाई की तारीख तय की गई है। हाईकोर्ट के इस फैसले से चयनित अभ्यर्थियों को झटका लगा है। बुधवार से प्रदेश के जिलों में काउंसलिंग शुरू हो गई थी और तीन से छह जून तक नियुक्ति पत्र भी दिए जाने थे। जब अभ्यर्थी काउंसलिंग के लिए पहुंचे तो उन्हें फैसले की जानकारी मिली।
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गोंडा में कुल 1620 अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए 3 जून से 6 जून तक दस्तावेज जमा करने थे। काउंसलिंग चल रही थी। इस दौरान एक महिला भीड़ व गर्मी के कारण बेहोश हो गई।