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मेकओवर के बाद खुल गए लखनऊ के ब्यूटी पार्लर, दिया गया क्लीनिकल टच
Tue, 02 Jun 2020 04:21 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 02 Jun 2020 04:21 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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कोविड-19 की चुनौती के बीच व्यवसाय चमकाने की जुगत में कारोबारी जुट गए हैं। अनलॉक लखनऊ में लोगों का मेकओवर शुरू करने से पहले ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों ने पहले सैलून व पार्लर का मेकओवर कर डाला है। अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के सैलून संचालकों को जहां कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ रहा है, वहीं नेशनल ब्रांड बन चुके कई सैलून व पार्लर भी क्लीनिकल टच के साथ तैयार हैं। एक अच्छी बात यह है कि शहर के प्रमुख इलाकों में चलने वाले छोटे-छोटे पार्लरों ने भी सारे एहतियात बरतते हुए अपने यहां संक्रमण से बचाने के लिए प्रबंध किए हैं। कोरोना की जंग के साथ कारोबार चमकाने की चुनौती से निपटने, ग्राहक सुरक्षा के लिहाज से पार्लर व सैलून में क्या-क्या प्रबंध किए गए हैं, पेश एक रिपोर्ट :
अनीता मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
एक अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के 15 सैलून शहर में हैं। इनमें से तीन की संचालिका अनिता मिश्रा बताती हैं कि सैलून में सारी व्यवस्थाएं एक कॉरपोरेट अस्पताल की ओटी के हिसाब से की गई हैं। इसमें पीपीई और मोनोडोज किट जरूरी है। हाइजिन और डिसइंफेक्ट करने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं। हर तीन घंटे पर पूरे सैलून को सैनिटाइज किया जाएगा। स्टाफ के लिए पीपीई किट जरूरी है। मोनोडोज किट से आशय यह है कि हर कस्टमर की जरूरत के हिसाब से अलग-अलग किट रखी जाएगी। सारा सामान डिस्पोजेबल होगा। दोबारा इस्तेमाल होने वाले सामान का इस्तेमाल अब नहीं किया जा रहा है।
- फोटो : अमर उजाला
खास बात है कि कस्टमर के सामने ही उसके द्वारा इस्तेमाल ड्रेस और स्टाफ द्वारा इस्तेमाल किट वगैरह काट कर फेंकी जाएगी। इसके अलावा सारे टूल्स को डिसइंफेक्ट कर स्टरलाइज्ड किया जाएगा। वहीं सप्रू मार्ग स्थित एक सैलून के संचालक अरशद वहीद बताते हैं कि सैलून को क्लीनिकन टच दिया गया है। स्टाफ और कस्टमर की सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन करने की कोशिश की गई है। आधे घंटे का गैप देकर हम दूसरे कस्टमर को लेते हैं। एक ग्राहक के जाने के बाद सफाई करेंगे। एक केबिन में हम दो से अधिक कस्टमर को नहीं लेंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
हेल्थ डिक्लेरेशन फॉर्म भरना जरूरी
हजरतगंज स्थित एक सैलून की संचालिका प्रिया खन्ना का कहना है कि हम थर्मो चेक के बाद ही कस्टमर और स्टाफ को एंट्री देते हैं। सैनिटाइजेशन, मास्क, ग्लव्स, पीपीई किट के अलावा हम सैलून से जाने से पहले एक हेल्थ डिक्लरेशन फॉर्म ऑनलाइन भरवाते हैं। इससे कस्टमर का रिकॉर्ड और उनकी हेल्थ की जानकारी हमारे पास रहेगी।
हजरतगंज स्थित एक सैलून की संचालिका प्रिया खन्ना का कहना है कि हम थर्मो चेक के बाद ही कस्टमर और स्टाफ को एंट्री देते हैं। सैनिटाइजेशन, मास्क, ग्लव्स, पीपीई किट के अलावा हम सैलून से जाने से पहले एक हेल्थ डिक्लरेशन फॉर्म ऑनलाइन भरवाते हैं। इससे कस्टमर का रिकॉर्ड और उनकी हेल्थ की जानकारी हमारे पास रहेगी।
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- फोटो : अमर उजाला
ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़ा एक वर्ग ऐसा भी है, जिसने कम पूंजी में एक छोटी सी दुकान को पार्लर का रूप दे रखा है। कोविड 19 की चुनौतियां, संक्रमण के खतरों को लेकर वे भी सजग हैं, उन्होंने भी कोरोना की जंग के हथियार बन चुके थर्मल स्कैनर, ग्लव्स, सैनिटाइजर और मास्क की व्यवस्था कर रखी है। गोमतीनगर में पार्लर चलाने वाली लीना यादव कहती हैं कि हमें खुद की जान की भी फिक्र है, ऐसे में सारे मानकों को पूरा करने के बाद ही हम पार्लर में सर्विस देने की तैयारी कर चुके हैं।