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इतिहास में शोध करना चाहती हैं 12वीं में 600 में से 600 लाने वाली दिव्यांशी जैन, शेयर किए अपने सक्सेज मंत्र
Tue, 14 Jul 2020 03:57 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 14 Jul 2020 03:57 PM IST
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दिव्यांशी जैन ने अपने परिवार के साथ खुशी मनाईं
- फोटो : amar ujala
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इतिहास ऐसा विषय है, जिसमें आम तौर पर छात्रों की रुचि कम ही होती है। हालांकि, सीबीएसई की इंटर बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर टॉप पोजीशन हासिल करने वाली नवयुग रेडिएंस सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा दिव्यांशी जैन को इतिहास की घटनाएं जानने में गहन रुचि है। इसी विषय में वह शोध करना चाहती है।
दिव्यांशी जैन
- फोटो : amar ujala
दिव्यांशी ने इंग्लिश, संस्कृत, हिस्ट्री, इंश्योरेंस, इकोनॉमिक्स और जियोग्राफी में 100 में से 100 अंक हासिल किए हैं। जियोग्राफी की परीक्षा निरस्त कर दी गई थी, लेकिन सभी विषयों में 100-100 अंक हसिल करने के बाद बोर्ड को इस विषय में भी 100 अंक देने के सिवाय कोई विकल्प नहीं सूझा। दिव्यांशी के पिता राजेश प्रकाश जैन का खुद का व्यवसाय है और मां सीमा जैन गृहिणी हैं। दिव्यांशी की इस उपलब्धि पर परिवार गौरवान्वित हैं। अभिभावकों ने मोहल्ले गणेशगंज, रिश्तेदारों और स्कूल में मिठाइयां बांटीं।
दिव्यांशी जैन
- फोटो : amar ujala
दिव्यांशी को संस्कृत विषय में भी गहन रुचि है। बताया कि वह कक्षा चार से संस्कृत पढ़ रही है। हिंदी की आठवीं तक ही पढ़ाई की है। उसने बताया कि संस्कृत गणित की तरह है, यदि मात्रा में कोई गलती न हो तो 100 अंक मिलने के पूरे आसार होते हैं। संस्कृत की तैयारी के लिए उसने शिक्षकों का आभार जताया। बताया कि संस्कृत के श्लोक जीवन के पहलुओं के बारे में बताते हैं।
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दिव्यांशी जैन
- फोटो : amar ujala
पढ़ाई में किताबों के साथ इंटरनेट से भी ली मदद
दिव्यांशी ने सफलता का मंत्र साझा करते हुए बताया कि वह रोजाना सभी विषयों को बराबर समय देती थी। साथ ही रिवीजन करती थी। परीक्षा से पहले मॉडल पेपरों से जमकर अभ्यास किया। किताबी व शिक्षकों के नोट्स के अलावा दिव्यांशी ने तैयारी में इंटरनेट की भी मदद ली। कई विषयों पर विकिपीडिया से जानकारी हासिल की, क्योंकि इससे इतिहास को जानने में दिलचस्पी रहती है।
दिव्यांशी ने सफलता का मंत्र साझा करते हुए बताया कि वह रोजाना सभी विषयों को बराबर समय देती थी। साथ ही रिवीजन करती थी। परीक्षा से पहले मॉडल पेपरों से जमकर अभ्यास किया। किताबी व शिक्षकों के नोट्स के अलावा दिव्यांशी ने तैयारी में इंटरनेट की भी मदद ली। कई विषयों पर विकिपीडिया से जानकारी हासिल की, क्योंकि इससे इतिहास को जानने में दिलचस्पी रहती है।
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राजनाथ सिंह
- फोटो : amar ujala
राजनाथ सिंह ने दी शुभकामनाएं
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दिव्यांशी को फोन कर बधाई दी। भाजपा के लखनऊ महानगर महामंत्री पुष्कर शुक्ला ने बताया कि बशीरतगंज की पार्षद शशि गुप्ता ने रक्षामंत्री की तरफ से पुष्पगुच्छ भेंट दिया। महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने भी शुभकामनाएं दी।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दिव्यांशी को फोन कर बधाई दी। भाजपा के लखनऊ महानगर महामंत्री पुष्कर शुक्ला ने बताया कि बशीरतगंज की पार्षद शशि गुप्ता ने रक्षामंत्री की तरफ से पुष्पगुच्छ भेंट दिया। महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने भी शुभकामनाएं दी।