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Lucknow News: भाइयों की कलाई पर दिनभर बंधेगी प्रेम और विश्वास की डोर

Fri, 28 Aug 2026 02:45 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 02:45 AM IST
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The thread of love and trust will remain tied to brothers' wrists throughout the day.
रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद
लखनऊ। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। बहनें भाइयों की कलाई पर प्रेम और विश्वास की डोर बांधेंगी। इस बार रक्षाबंधन पर न भद्रा का साया रहेगा और न चंद्र ग्रहण का असर। भद्रा बीती रात 9:32 बजे समाप्त हो चुकी है। वहीं, शुक्रवार को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में यहां सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
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अलीगंज स्थित स्वास्तिक ज्योतिष केंद्र के ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के आचार्य डॉ. अश्विनी पांडेय ने बताया कि रक्षाबंधन इस बार भद्रा काल से पूरी तरह मुक्त रहेगा। पूर्णिमा तिथि बृहस्पतिवार सुबह 9:08 बजे शुरू हुई और शुक्रवार सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी। उदय तिथि और कुलाचार की वजह से रक्षाबंधन पूरे दिन मनाया जा सकेगा।
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खगोलीय गणना के मुताबिक, चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार शुक्रवार सुबह 6:53:58 बजे उपच्छाया चरण से शुरू होगा। वास्तविक छाया वाला आंशिक ग्रहण सुबह 8:03:54 बजे शुरू होगा और इसका अधिकतम चरण सुबह करीब 9:42:53 बजे होगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, चीन और जापान समेत एशिया के अधिकांश हिस्सों में दिखाई नहीं देगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सामान्यतः सूतक उसी स्थान पर माना जाता है, जहां ग्रहण दिखाई देता है। इसलिए भारत में रहने वालों के लिए ग्रहण के दौरान सूतक मान्य नहीं होगा।
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सुबह का समय राखी के लिए खास

पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन पर सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय सबसे अधिक शुभ रहेगा। हालांकि, पूरे दिन राखी बांधी जा सकेगी। सुबह का समय पूर्णिमा तिथि के समापन तक होने के कारण विशेष महत्व रखता है।


राहुकाल में राखी बांधने से बचें

शुक्रवार को सुबह 10:31 बजे से दोपहर 12:07 बजे तक राहुकाल रहेगा। शास्त्रों के अनुसार राहुकाल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसलिए इस अवधि में राखी बांधने से बचने की सलाह दी गई है। रक्षासूत्र बांधते समय पौराणिक मंत्र का जाप भी शुभ माना जाता है।

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

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रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

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रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

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रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

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रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

रक्षाबंधन के लिए राखी खरीदतीं महिलाएं। -संवाद

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