ढलते सूरज के साथ बैंड टोलियों की मनोहारी धुनों के बीच मंगलवार को गणतंत्र दिवस समारोह का समापन हुआ। रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित ‘बीटिंग द रिट्रीट’ (परिसमाप्ति समारोह) के तहत सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज को उतारकर राज्यपाल राम नाईक को सौंपा गया। इसी के साथ 26 जनवरी से शुरू हुए गणतंत्र दिवस समारोह का विधिवत समापन हुआ। समारोह में परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टोलियों, झांकियों, कलाकारों को ट्रॉफी व प्रशंसी पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम
- फोटो : amar ujala
सेना में 1789 से बीटिंग दि रिट्रीट की परंपरा चल रही है। सूर्यास्त होते ही सेना के झंडे और निशान उतार सैनिकों को शिविरों में वापस बुला लिया जाता था। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए बीटिंग द रिट्रीट के दौरान सेना व अर्धसैन्य बलों की बैंड टुकड़ियों ने करीब पैंतालिस मिनट तक देशभक्ति से ओतप्रोत धुनों को बजाते हुए मनोहारी कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
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बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम
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समारोह में 11 गोरखा रेजीमेंट, एएमसी सेंटर, डोगरा कुमाऊं रेजीमेंटल सेंटर, 16 असम रेजीमेंट, 35वीं बटालियन पीएसी संग होमगार्ड जवानों के ब्रॉस व पाइप्स बैंड एवं ड्रम्स के साथ सुसज्जित बैंड टुकड़ियों ने हिस्सेदारी की।
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बीटिंग द रिट्रीट कार्यक्रम
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प्रदर्शन के दौरान बैंड टोलियों ने तेज व धीमी चाल के साथ ‘सारे जहां से अच्छा...’, ‘मां तुझे सलाम...’, ‘वंदे मातरम्...’ सहित कई देशभक्ति गीतों की धुनों को बैंड व पाइप्स के माध्यम से दिलकश अंदाज में प्रस्तुत कर सभी का मन मोहा। इस मौके पर जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, एसएसपी कलानिधि नैथानी संग पुलिस प्रशासन के कई आला अधिकारी व गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के समापन से पहले राज्यपाल ने परेड की कमान संभालने वाले कमांडर 16 जाट रेजीमेंट लेफ्टीनेंट कर्नल यदुवंशी के साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सैन्य, अर्द्धसैन्य बल, छात्र-छात्राओं की टोलियां, कलाकार व झांकियों को सम्मानित किया गया।