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अनामिका प्रकरण में सबसे बड़ा खुलासा, काउंसलिंग में आई थी दूसरी महिला, नहीं थे मूल अभिलेख

Thu, 11 Jun 2020 11:52 AM IST
शाहरुख खान संजय तिवारी, अमर उजाला, गोंडा
संजय तिवारी, अमर उजाला, गोंडा Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 11 Jun 2020 11:52 AM IST
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anamika shukla case big revealing other woman came for counseling there were no original records
fake teacher - फोटो : अमर उजाला।
प्रदेश के कई जिलों के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूलों में गोंडा की अनामिका शुक्ला के अभिलेख पर विज्ञान शिक्षिका की नौकरी हथियाने की कोशिश के मामले की अब पुष्टि हो गई है। यह महिला काउंसलिंग में मूल अखिलेख लेकर नहीं आई थी। जिस पर अधिकारियों ने उसे मना कर दिया था। गोंडा के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में भर्ती के लिए वर्ष 2019 में काउंसलिंग हुई थी। इसमें गोंडा की अनामिका शुक्ला के अभिलेखों के आधार पर आवेदन किया गया था। निवास प्रमाण पत्र मैनपुरी का लगा था जो अनामिका शुक्ला पुत्री सुभाष चंद्र शुक्ल के नाम से बना था। जबकि अनामिका का कहना है कि उसने गोंडा में कभी आवेदन ही नहीं किया। 


 
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अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी करने वाली महिला - फोटो : अमर उजाला
17 सालों से नहीं हुआ केजीबीवी कर्मियों के अभिलेखों का सत्यापन
जिले में ही नहीं पूरे प्रदेश में कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों के शिक्षकों व कर्मियों के अभिलेखों को लेकर विभाग गंभीर नहीं रहा। वर्ष 2003 में बेटियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए आवासीय स्कूलों की योजना शुरू हुई। इसके बाद भवनों का निर्माण हुआ और स्कूलों का संचालन हुआ। हर स्कूल में 14 कर्मियों का चयन होता है। प्रदेश में 746 कस्तूरबा स्कूलों सहित गोंडा जिले में 17 स्कूलों का संचालन हो रहा है। 
 
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anamika shukla - फोटो : अमर उजाला
इसके बावजूद 17 सालों में यहां के कर्मियों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन नहीं हुआ। 2019 में पुलिस सत्यापन कराया भी गया तो सिर्फ आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला गया। पहली बार कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों के कर्मियों के अभिलेखों को आधार से लिंक करने की कार्रवाई शुरू की गई है। अभी सभी कर्मचारियों की फीडिंग का काम भी पूरा नहीं हुआ है। 
 
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गोंडा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रजीत प्रजापति - फोटो : अमर उजाला
अभिलेखों के सत्यापन की कार्रवाई शुरू: बीएसए
कस्तूरबा कर्मियों के अभिलेखों के सत्यापन की कार्रवाई शुरू कराई जा रही है। सभी से अभिलेख मांगे गये हैं। जिले में फर्जी अनामिका का चयन नहीं हुआ है, असली अनामिका शुक्ला ने अभिलेख देकर तस्वीर साफ कर दी है। शासन को पूरी स्थिति से अवगत कराया जा चुका है।
-डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए
 
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anamika shukla - फोटो : अमर उजाला
‘काउंसलिंग में आई महिला दूसरी थी’
जिले में कस्तूरबा चयन के लिए अनामिका शुक्ला के नाम से आवेदन हुआ था लेकिन असली अनामिका को देखने के बाद साफ हो गया कि काउंसलिंग में आई महिला दूसरी थी। वह मूल अभिलेख के साथ नहीं आई थी, इसलिए उसे वापस कर दिया गया था।
-रजनी श्रीवास्तव, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा
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