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हाईकोर्ट के फैसले ने सरकार के झूठ को किया बेनकाब : माले
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लखनऊ। भाकपा (माले) के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि नोएडा मजदूर आंदोलन में गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी पर से रासुका हटाने, रिहाई और पांच लाख रुपये मुआवजा देने के हाईकोर्ट के आदेश ने योगी सरकार के झूठ को बेनकाब कर दिया है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी सत्यम वर्मा पर भी फर्जी आरोपों में रासुका लगाया गया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद वर्मा को भी रिहा किया जाना चाहिए। उन्होंने नोएडा मजदूर आंदोलन से जुड़े मजदूरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी एफआईआर रद्द करने की मांग की।
सुधाकर यादव ने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े छात्रों-युवाओं पर दर्ज एफआईआर निरस्त करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सरकार को सबक लेना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक बंदियों की रिहाई और कार्यकर्ताओं की जासूसी व निजी डेटा जुटाने पर रोक लगाने की भी मांग की।
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उन्होंने कहा कि आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार व समाजसेवी सत्यम वर्मा पर भी फर्जी आरोपों में रासुका लगाया गया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद वर्मा को भी रिहा किया जाना चाहिए। उन्होंने नोएडा मजदूर आंदोलन से जुड़े मजदूरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी एफआईआर रद्द करने की मांग की।
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सुधाकर यादव ने कहा कि जंतर-मंतर आंदोलन से जुड़े छात्रों-युवाओं पर दर्ज एफआईआर निरस्त करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश से सरकार को सबक लेना चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक बंदियों की रिहाई और कार्यकर्ताओं की जासूसी व निजी डेटा जुटाने पर रोक लगाने की भी मांग की।
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