लखनऊ: बढ़ा स्वाइन फ्लू के संक्रमण का दायरा, प्रदेश पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह आए चपेट में; 37 मरीज सक्रिय
Swine flu infection: यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह स्वाइन फ्लू (एच1एन1) की चपेट में आ गए हैं।
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प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह स्वाइन फ्लू (एच1एन1) की चपेट में आ गए हैं। पिछले चार-पांच दिन से बुखार के बाद मंगलवार को केजीएमयू में उनकी जांच कराई गई, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई। डॉक्टरों के मुताबिक उनके लक्षण हल्के हैं और हालत फिलहाल ठीक है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है। लखनऊ स्थित आवास पर ही उनका इलाज और निगरानी की जा रही है।
जनसुनवाई में नहीं पहुंचे थे मंत्री
तबीयत खराब होने के कारण बीते रविवार को जयवीर सिंह सिरसागंज स्थित आवास पर होने वाली जनसुनवाई में भी शामिल नहीं हुए थे। सोमवार को वह लखनऊ लौटे। जांच में संक्रमण की पुष्टि के बाद उन्हें आवास पर ही आइसोलेट कर दिया गया। उनके सभी कार्यक्रम फिलहाल रद कर दिए गए हैं।
लक्षणरहित है संक्रमण, स्थिति नियंत्रण में : डॉ. केके सिंह
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मंत्री को कुछ दिनों से बुखार था। जांच में एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई है। उनमें बीमारी के लक्षण हल्के हैं और उनकी स्थिति नियंत्रण में है। घर पर ही इलाज चल रहा है।
लखनऊ में स्वाइन फ्लू के छह नए मरीज, जिले में कुल 37 सक्रिय मामले
राजधानी में बुधवार को स्वाइन फ्लू एच1एन1 के छह नए मरीज मिले। इसके साथ ही जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या 37 हो गई है। वहीं, डेंगू का बुधवार को कोई नया मरीज नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से फ्लू जैसे लक्षण होने पर सावधानी बरतने और गंभीर लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि बुखार, जुकाम, गले में खराश और खांसी जैसे सामान्य लक्षण होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर की सलाह लें। ऐसे मरीजों को आमतौर पर आरटी-पीसीआर जांच की जरूरत नहीं होती। घर पर आराम करने और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा लेने के साथ ही दूसरों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
सांस फूलने पर तुरंत अस्पताल जाएं
तेज बुखार के साथ सांस फूलना, सीने में दर्द, बेहोशी, रक्तचाप कम होना, नाखून नीले पड़ना या बलगम में खून आना गंभीर लक्षण हैं। ऐसे मरीजों की रियल टाइम आरटी-पीसीआर जांच कराई जानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जाना चाहिए।
बच्चों में इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
बच्चे को लगातार तेज बुखार, अत्यधिक सुस्ती, खाना-पानी लेने में परेशानी, झटके आना, तेज सांस चलना या सांस लेने में दिक्कत हो तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। पहले से किसी गंभीर या पुरानी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की हालत बिगड़ने पर भी तुरंत चिकित्सकीय मदद लेने की सलाह दी गई है।