जिंदगी भले ही कठिन हो, लेकिन कभी हौसला न हारने का जज्बे से वह बेटी का हर दिन खास बना देता है। वह बच्ची का हीरो है, जो उसके लिए कुछ भी करने को तैयार है।
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सरवर आहूजा और रीवा अरोड़ा
- फोटो : amar ujala
क्योंकि ‘मेरे पापा हीरो हीरालाल' जो हैं। जी हां, ऑटो रिक्शा चालक की जिंदगी के उतार-चढ़ाव से बुने धारावाहिक ‘मेरे पापा हीरो हीरालाल’ के कलाकार बुधवार को प्रमोशन के लिए राजधानी में थे। सिंगल पैरेंट की मुख्य भूमिका निभा रहे सरवर आहूजा ने कहा कि एक्टर हर वक्त हर किसी से कुछ न कुछ सीखता रहता है। मेरे लिए हर रोल एक चैलेंज की तरह है।
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सरवर आहूजा और रीवा अरोड़ा
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12 फरवरी से शुरू हो रहे सीरियल के अभिनेता सरवर और नन्ही कलाकार रीवा अरोड़ा बुधवार को पत्रकारों से रूबरू हुईं। सरवर ने बताया कि यह धारावाहिक मुम्बई के एक ऑटो रिक्शा चालक की जिंदगी से प्रेरित है, जो दो साल के बच्चे को गोद में लेकर रिक्शा चलाता है।
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सरवर आहूजा और रीवा अरोड़ा
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सीरियल में ऑटो रिक्शा चालक की बेटी गंभीर बीमारी से जूझ रही है। उसके इलाज के लिए वह कुछ भी करने को तैयार है। कहा कि हीरालाल की जिंदगी भले ही कठिन हो, लेकिन कभी हौसला न हारने का जज्बे से वह बेटी का हर दिन खास बना देता है। उन्होंने कहा 70 साल के बुजुर्ग का भी रोल मिला तो करूंगा, क्योंकि मुझे चैलेंज पसंद है।
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सरवर आहूजा और रीवा अरोड़ा
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सरवर ने कहा कि जिस तरह से समाज में बदलाव आता है वैसे ही टीवी सीरियल और फिल्मों में बदलाव नजर आता है। अगर आज 70 के दशक की कहानी को हम दिखाएंगे तो लोग जुड़ाव नहीं महसूस कर पाएंगे। उस वक्त की परिस्थितियों और आज में काफी बदलाव है। सरवर ने कहा कि आज टीवी, फिल्में, यू-ट्यूब समेत कई वेब सीरीज आ गई हैं। इससे हमारे बीच प्रतियोगिता के साथ कंटेंट राइटिंग की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। इन सबको बरकरार रखना चुनौती है।