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गंभीर बीमारी से जूझ रही है इनकी बिटिया, गोद में बैठाकर ऑटो चलाता है ये पिता
Thu, 08 Feb 2018 02:19 PM IST
न्यूज डेस्क/अमरउजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Thu, 08 Feb 2018 02:19 PM IST
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सरवर आहूजा और रीवा अरोड़ा
- फोटो : amar ujala
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जिंदगी भले ही कठिन हो, लेकिन कभी हौसला न हारने का जज्बे से वह बेटी का हर दिन खास बना देता है। वह बच्ची का हीरो है, जो उसके लिए कुछ भी करने को तैयार है।
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सरवर आहूजा और रीवा अरोड़ा
- फोटो : amar ujala
क्योंकि ‘मेरे पापा हीरो हीरालाल' जो हैं। जी हां, ऑटो रिक्शा चालक की जिंदगी के उतार-चढ़ाव से बुने धारावाहिक ‘मेरे पापा हीरो हीरालाल’ के कलाकार बुधवार को प्रमोशन के लिए राजधानी में थे। सिंगल पैरेंट की मुख्य भूमिका निभा रहे सरवर आहूजा ने कहा कि एक्टर हर वक्त हर किसी से कुछ न कुछ सीखता रहता है। मेरे लिए हर रोल एक चैलेंज की तरह है।
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सरवर आहूजा और रीवा अरोड़ा
- फोटो : amar ujala
12 फरवरी से शुरू हो रहे सीरियल के अभिनेता सरवर और नन्ही कलाकार रीवा अरोड़ा बुधवार को पत्रकारों से रूबरू हुईं। सरवर ने बताया कि यह धारावाहिक मुम्बई के एक ऑटो रिक्शा चालक की जिंदगी से प्रेरित है, जो दो साल के बच्चे को गोद में लेकर रिक्शा चलाता है।
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सरवर आहूजा और रीवा अरोड़ा
- फोटो : amar ujala
सीरियल में ऑटो रिक्शा चालक की बेटी गंभीर बीमारी से जूझ रही है। उसके इलाज के लिए वह कुछ भी करने को तैयार है। कहा कि हीरालाल की जिंदगी भले ही कठिन हो, लेकिन कभी हौसला न हारने का जज्बे से वह बेटी का हर दिन खास बना देता है। उन्होंने कहा 70 साल के बुजुर्ग का भी रोल मिला तो करूंगा, क्योंकि मुझे चैलेंज पसंद है।
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सरवर आहूजा और रीवा अरोड़ा
- फोटो : amar ujala
सरवर ने कहा कि जिस तरह से समाज में बदलाव आता है वैसे ही टीवी सीरियल और फिल्मों में बदलाव नजर आता है। अगर आज 70 के दशक की कहानी को हम दिखाएंगे तो लोग जुड़ाव नहीं महसूस कर पाएंगे। उस वक्त की परिस्थितियों और आज में काफी बदलाव है। सरवर ने कहा कि आज टीवी, फिल्में, यू-ट्यूब समेत कई वेब सीरीज आ गई हैं। इससे हमारे बीच प्रतियोगिता के साथ कंटेंट राइटिंग की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। इन सबको बरकरार रखना चुनौती है।
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