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अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने खोले राज, कहा- मेरे दिल से न तो वह निकल पाया है और न निकलेगा

Mon, 21 May 2018 09:35 AM IST
आलोक पराड़कर, अमर उजाला, लखनऊ
आलोक पराड़कर, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 21 May 2018 09:35 AM IST
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actor pankaj tripathi shared his feelings with amar ujala
pankaj tripathi - फोटो : amar ujala
मुंबई में 14 साल और करीब 40 फिल्मों, कई टेलीविजन कार्यक्रमों में काम करने के बाद अभिनेता पंकज त्रिपाठी को हाल के वर्षों में जो पहचान मिली है वह देर आए, दुरुस्त आए जैसी है। लंबे समय तक छोटी-छोटी भूमिकाएं करने वाले पंकज को अब केंद्र में रखकर फिल्में लिखी और बनाई जा रही हैं।
actor pankaj tripathi shared his feelings with amar ujala
pankaj tripathi - फोटो : amar ujala
त्रिपाठी खुद कहते हैं कि अब इतनी पटकथाएं आ रही हैं कि उन्हें पढ़ पाना भी संभव नहीं हो पा रहा है। पिछले दिनों ‘न्यूटन’ फिल्म में अभिनय के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के विशेष उल्लेख का सम्मान पाने वाले त्रिपाठी 'यूं ही इधर उधर की' प्रस्तुत करने के लिए लखनऊ में थे। इस मौके पर उन्होंने ‘अमर उजाला’ से अपनी दिल की बातें साझा कीं।
actor pankaj tripathi shared his feelings with amar ujala
pankaj tripathi - फोटो : amar ujala
क्या आपकी प्रतिभा को पहचानने में फिल्म उद्योग को अधिक वक्त लगा?
- मुझे लगता है कि जो जब होता है तभी अच्छा होता है। गुलाब के पौधे में फूल लगने में छह-आठ महीने लग जाते हैं। अगर यह सफलता आसानी से मिल जाती तो शायद इसका महत्व समझ में नहीं आता लेकिन अब इसे संभाल कर रख सकता हूं।
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actor pankaj tripathi shared his feelings with amar ujala
pankaj tripathi - फोटो : amar ujala
आपको केंद्रित कर फिल्में लिखी जाने लगी हैं?  
- 30 पटकथाएं आई हैं मेरे पास और इन्हें पढ़ने का अवसर नहीं है। दिसंबर तक का फिल्मांकन तय है। बीबीसी लंदन मुझ पर कार्यक्रम बना रहा है। लोगों का प्यार मिल रहा है तो थोड़ा और चुनिंदा हो गया हूं। बेहतर काम करना चाहता हूं।
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pankaj tripathi - फोटो : amar ujala
आप राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से हैं। अब शायद फिल्म उद्योग वहां के कलाकारों को लेकर अधिक उत्साहित नहीं है?
- पहले भी उन्हें हाथों-हाथ नहीं लिया जाता था। नसीर साहब, ओमपुरी, पंकज कपूर सभी ने संघर्ष कर अपनी पहचान बनाई है। ये नाम बनने में उस दौर में भी दस साल लग गए। आज भी इरफान खान, नवाजुद्दीन, संजय मिश्र, राजपाल, मैं या और बहुत सारे अच्छे अभिनेता हैं लेकिन सभी को पहचान बनाने में वक्त लगा। वहां जाने के बाद सफर शून्य से ही शुरू होता है, चाहे आप एनएसडी से आए हो, बीएनए से या कहीं और से।
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