कृष्णानगर के दामोदरनगर इलाके में मंगलवार देर रात अधिवक्ता शिशिर त्रिपाठी (32) की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में आरोपी विनायक ठाकुर उर्फ विनायक बच्चन सिंह सपा नेताओं का करीबी है। फेसबुक प्रोफाइल पर उसने पूर्व मुख्यमंत्री के साथ और सपा के तत्कालीन नगर अध्यक्ष फाकिर सिद्दीकी समेत कई नेताओं के साथ के फोटो पोस्ट किए हैं। सीओ कृष्णानगर अमित कुमार राय ने बताया कि विनायक ठाकुर के खिलाफ कृष्णानगर में शिशिर की हत्या समेत हत्या की कोशिश, गुंडा एक्ट समेत छह मामले दर्ज हैं।
सपा नेताओं का करीबी है वकील शिशिर त्रिपाठी की हत्या का आरोपी, फेसबुक पोस्ट से हुआ खुलासा
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वारदात के सीसीटीवी फुटेज में इलाके के ही नामजद आरोपी उपेंद्र तिवारी उर्फ मोनू, विनायक ठाकुर, धीरज कुमार, मुस्तफा और शुभम यादव मिलकर शिशिर को मारते हुए नजर आ रहे हैं। शिशिर के बुरी तरह घायल होने की सूचना पर परिवार वाले ट्रॉमा सेंटर ले गए जहां उसने दम तोड़ दिया।
शिशिर के बड़े भाई शरद ने नामजद आरोपियों समेत उनके अन्य साथियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि आरोपी विनायक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है। एसएसपी ने कृष्णानगर कोतवाली के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है। फिलहाल पुलिस लेन-देन व अन्य विवादों को खंगाल रही है।
सिर-गर्दन व चेहरे पर ब्लेड से 13 वार
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिशिर के सिर-गर्दन व चेहरे पर ब्लेड से 13 वार किए जाने की बात सामने आई है। शिशिर का बायां कान कट गया जबकि सिर पर चार, जबड़े पर दो, गर्दन के आगे व पीछे तीन-तीन वार किए गए। हाथ-पैरों पर डंडे से मार के भी निशान थे।
गांजा बेचने से रोका तो तस्कर ने कर दिया कत्ल
कृष्णानगर के वीआईपी रोड स्थित स्नेहनगर निवासी अधिवक्ता शिशिर त्रिपाठी की हत्या के आरोपी दामोदरनगर निवासी उपेंद्र तिवारी उर्फ मोनू और विनायक ठाकुर इलाके में गांजा बिकवाते थे। शिशिर ने विरोध किया तो दोनों से तनातनी शुरू हो गई। गांजा बिक्री बंद न करने पर शिशिर ने मोनू के साथी अनिल कुमार वर्मा को नशीले पदार्थ के साथ गिरफ्तार करा दिया। इसके अलावा लेन-देन के झगड़े में शिशिर पांच दिन पहले मोनू को पकड़कर घर ले आया था। शिशिर के भाई शरद का आरोप है कि इससे बौखलाकर ही मोनू ने उसकी हत्या कर दी। शिशिर मूलरूप से कानपुर के रहने वाले थे।
शरद का कहना है कि शिशिर ने इलाके में गांजा और नशीले पदार्थों की बिक्री के खिलाफ अभियान छेड़ रखा था। उसने मोनू को भी गांजा की सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी थी। उसने स्थानीय पुलिस से कई बार नशीले पदार्थों की खुलेआम खरीद-फरोख्त की शिकायत भी की। पुलिस ने ध्यान नहीं दिया तो शिशिर ने आला अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 24 दिसंबर को उसने अनिल कुमार वर्मा को 900 ग्राम डोडा समेत गिरफ्तार कराया था। शरद ने बताया कि अनिल कुमार वर्मा गांजा तस्कर उपेंद्र तिवारी उर्फ मोनू का आदमी था। मोनू को पता चला कि पुलिस ने शिशिर की मुखबिरी पर ही उसके साथी को गिरफ्तार किया है।