(बहराइच)। उसका जनाजा उठने ही वाला था। कब्र तक खोदी जा चुकी थी लेकिन अचानक गुसल कराते (नहलाते) समय उसने आंखें खोल दीं। करीब चार घंटे तक बेजान हुई रेशमा की सांसें तेज-तेज चलते देख लोगों में हड़कंप मच गया। (अस्पताल में होता महिला का इलाज।)
कब्र खुद चुकी थी...जनाजा उठने से पहले ही जिंदा हो गई महिला
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 24 Apr 2016 07:42 AM IST
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