गुजरात से पहुंचे श्रमिकों ने बताया, टिकट के लिए खर्च करने पड़े पैसे, बयान की मुश्किलें
स्टेशन पर ट्रेनों के पहुंचने के बाद एक-एक बोगी खोलकर यात्रियों को उतारा गया और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए लाइन में लगाकर थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से इन्हें खाने के पैकेट देकर रोडवेज बसों से घरों के लिए भेजा गया।
गुजरात से जो श्रमिक लखनऊ पहुंचे उन्हें टिकट हासिल करने के लिए पहले अपना मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाना पड़ा। गुजरात के वीरमगांव से स्पेशल ट्रेन जब लखनऊ जंक्शन पहुंची तो यात्रियों ने बताया कि लखनऊ आने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी।