लॉकडाउन के चलते महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई राज्यों में फंसे श्रमिकों को घर पहुंचाने का प्रदेश सरकार का अभियान जारी है। इसी क्रम में महाराष्ट्र के अंकोला और गुजरात के वड़ोदरा से 2311 कामगार श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से लखनऊ पहुंचे। यहां से इन्हें 104 बसों से इनके गृह जनपद भेजा गया। आंखों में सुकून व चमक लेकर घरों की ओर रवाना हुए इन कामगारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है।
ग्राउंड रिपोर्ट: आंखों में सुकून व चमक लेकर घर लौटे 2311 प्रवासी मजदूर, बोले- अब न जाएंगे परदेस
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आजमगढ़ के सत्यपाल अपनी पत्नी व दो बच्चों संग बड़ोदरा से चारबाग स्टेशन पहुंचे। सत्यपाल ने बताया कि सरकार न सिर्फ उन्हें घर पहुंचा रही है, बल्कि रास्ते में खाने-पीने का इंतजाम भी कर रही है। मुख्यमंत्री के प्रयास से गुजरात में फंसे हजारों श्रमिकों में घर पहुंचने की आस जगी है। गुजरात के बड़ोदरा, सूरत सहित कई शहरों में फंसे परेशानी झेल रहे कामगार हर हाल में अपने गांव पहुंचना चाहते हैं। इसी प्रकार वड़ोदरा से ही आए लाल खान व इमरान ने बताया कि वहां से भूखे ही चले थे। ट्रेन में खिचड़ी खाकर राहत मिली। लखनऊ में पता चला कि परिवहन निगम की बस निशुल्क गृह जनपद पहुंचाएगी।
दर्जनभर जिलों के लिए भेजीं बसें
परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर के मुताबिक, महाराष्ट्र के अंकोला और गुजरात के वड़ोदरा से आने वाले श्रमिकों को रवाना करने के लिए सुबह से ही अधिकारी और कर्मचारी चारबाग स्टेशन पर मुस्तैद थे। महाराष्ट्र से स्पेशल ट्रेन सुबह नौ बजे व गुजरात से शाम 5 बजे श्रमिक स्पेशल ट्रेन लखनऊ पहुंची। दोनों ट्रेनों से आए कुल 2311 लोगों को 104 बसों से गृहजनपद भेजा गया। इनमें अंकोला से आए 1195 लोगों को 54 बसों से व वड़ोदरा से आए 1116 लोगों को 50 बसों से भेजा गया। बसें जालौन, कन्नौज, प्रयागराज, फर्रुखाबाद, कानपुर गोरखपुर, जौनपुर, हरदोई, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, बहराइच, सीतापुर, आजमगढ़, बस्ती, प्रतापगढ़, जौनपुर, हरदोई फतेहपुर, शाहजहांपुर, बरेली भेजी गईं।
अब नहीं जाऊंगा गुजरात
लॉकडाउन के दौरान गुजरात में 42 दिन जो परेशानी झेली, वह जीवन भर याद रहेगी। पानी पुरी बेच करके परिवार का भरण पोषण कर रहे थे लेकिन अब पलट कर दोबारा गुजरात नहीं जाएंगे। जौनपुर में ही रह कर नए सिरे से धंधे की शुरुआत करेंगे। - नागेंद्र सिंह, जौनपुर