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दिल और दिमाग की शांति चाहिए तो घूम आइए ये पांच आश्रम
Sat, 03 Aug 2019 05:01 PM IST
पंखुड़ी सिंह
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: पंखुड़ी सिंह
Updated Sat, 03 Aug 2019 05:01 PM IST
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- फोटो : pixabay
अक्सर आप जीवन की भागदौड़ से परेशान होकर कहीं न कहीं सैर पर निकल जाते हैं। लेकिन इस बार हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहें हैं जहां पर कुछ दिन बिताने के बाद मन को बहुत शांति मिलेगी। भारत में योग और आध्यात्म के माध्यम से मन की शांति को तलाश किया जा सकता है, तो आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ आश्रम के बारे में जहां पर बहुत से लोग हर साल मानसिक शांति की तलाश लिए जाते हैं।
आर्ट ऑफ लिविंग
इस आश्रम का नाम तो आपने बहुत बार सुना होगा। श्री श्री रविशंकर प्रसाद ने इस आश्रम की नींव 1982 में रखी थी। आर्ट ऑफ लिविंग के इस आश्रम में कुछ दिन बिताने से आपको मानसिक शांति का अनुभव होगा।
इस आश्रम का नाम तो आपने बहुत बार सुना होगा। श्री श्री रविशंकर प्रसाद ने इस आश्रम की नींव 1982 में रखी थी। आर्ट ऑफ लिविंग के इस आश्रम में कुछ दिन बिताने से आपको मानसिक शांति का अनुभव होगा।
शिवानंद योगा वेदांता धनवतरि आश्रम, केरल
केरल तो वैसे ही प्राकृतिक नजारों से समृद्ध प्रदेश है। अगर आप कुछ समय शांति के साथ आध्यात्म का चिंतन करते हुए गुजारना चाहते हैं तो इस आश्रम में जरूर जाएं। यहां पर योग की प्रक्रिया सिखाई जाती है, जो आपके मन को सुकुन पहुंचाती हैं।
केरल तो वैसे ही प्राकृतिक नजारों से समृद्ध प्रदेश है। अगर आप कुछ समय शांति के साथ आध्यात्म का चिंतन करते हुए गुजारना चाहते हैं तो इस आश्रम में जरूर जाएं। यहां पर योग की प्रक्रिया सिखाई जाती है, जो आपके मन को सुकुन पहुंचाती हैं।
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ईशा योग सेंटर, कोयंबटूर
योग के माध्यम से मन को शांति पहुंचाना चाहते हैं तो इस आश्रम में कुछ दिन जरूर बिताएं। इस जगह पर आपको बहुत शांति का एहसास होगा। इस आश्रम की स्थापना 1992 में सद्गुरू जग्गी वासुदेव ने की थी। यहां पर योग, ध्यान और प्रकृति के माध्यम से लोगों के बीच शांति का प्रसार किया जाता है।
योग के माध्यम से मन को शांति पहुंचाना चाहते हैं तो इस आश्रम में कुछ दिन जरूर बिताएं। इस जगह पर आपको बहुत शांति का एहसास होगा। इस आश्रम की स्थापना 1992 में सद्गुरू जग्गी वासुदेव ने की थी। यहां पर योग, ध्यान और प्रकृति के माध्यम से लोगों के बीच शांति का प्रसार किया जाता है।
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माता आनंदमयी का आश्रम, कोल्लम
भारत में मां आनंदमयी का नाम कौन नहीं जानता है। वो अपने भक्तों के साथ बैठकर उनके जीवन की समस्याओं को सुनकर उनका निवारण करने का काम करती हैं। इनके आश्रम में जाकर आपको शांति का अनुभव तो होगा ही साथ ही हो सकता है आपके जीवन की किसी उलझन का उपाय भी मिल जाए।
भारत में मां आनंदमयी का नाम कौन नहीं जानता है। वो अपने भक्तों के साथ बैठकर उनके जीवन की समस्याओं को सुनकर उनका निवारण करने का काम करती हैं। इनके आश्रम में जाकर आपको शांति का अनुभव तो होगा ही साथ ही हो सकता है आपके जीवन की किसी उलझन का उपाय भी मिल जाए।