योग टिप्स: योग से पहले खाना चाहिए या नहीं? पेट भरा हो तो आसनों पर पड़ सकता है असर
Yoga tips : योग का अभ्यास आमतौर पर हल्के या खाली पेट करना अधिक आरामदायक माना जाता है, खासकर जब आप सूर्य नमस्कार या शरीर को मोड़ने-झुकाने वाले योगासन कर रहे हों। भारी भोजन करने के तुरंत बाद योग करने से पेट में असुविधा हो सकती है।
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Yoga after meal effects: सुबह उठकर योग करना सेहतमंद दिनचर्या का एक अहम हिस्सा माना जाता है। कई लोग वजन नियंत्रित करने, शरीर को लचीला बनाने, तनाव कम करने और दिन की शुरुआत ऊर्जा के साथ करने के लिए नियमित योगाभ्यास करते हैं। लेकिन योग शुरू करने से पहले अक्सर एक सवाल मन में आता है, क्या योग हमेशा खाली पेट ही करना चाहिए? अगर कुछ खा लिया हो तो क्या योग नहीं कर सकते?
योग की पारंपरिक पद्धति में पेट हल्का होने पर अभ्यास करने को प्राथमिकता दी जाती है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि कई योगासन में शरीर को आगे-पीछे झुकाना, मोड़ना, पेट पर दबाव डालना या उल्टी दिशा में शरीर को ले जाना शामिल होता है। ऐसे में पेट भरा होने पर अभ्यास असहज महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को भारीपन, गैस, एसिडिटी, मतली या पेट में असुविधा जैसी परेशानी भी महसूस हो सकती है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को लंबे समय तक भूखा रहकर ही योग करना चाहिए। योग का समय, अभ्यास की तीव्रता और आपने कितना खाना खाया है, ये सभी बातें मायने रखती हैं। अगर आपको बहुत ज्यादा भूख या कमजोरी महसूस हो रही है, तो हल्का विकल्प लेकर कुछ समय बाद योग किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि योग खाली पेट करना जरूरी है या नहीं और कुछ खाने के बाद योग करने पर क्या हो सकता है।
क्या खाली पेट योग करना जरूरी है?
आमतौर पर योग का अभ्यास हल्के या लगभग खाली पेट करना अधिक आरामदायक माना जाता है। सुबह के समय कई लोग उठने के बाद, पानी पीकर और फ्रेश होकर योग करना पसंद करते हैं।
इसका कारण यह है कि योगासन करते समय शरीर की गतिविधियां बढ़ती हैं और पेट पर भी दबाव पड़ सकता है। अगर आपने भारी भोजन किया है, तो शरीर को भोजन पचाने में समय लगता है। ऐसे में तुरंत योग करने से आपको असुविधा महसूस हो सकती है।
लेकिन खाली पेट का मतलब यह नहीं है कि आपको कमजोरी या चक्कर आने की स्थिति में भी जबरदस्ती योग करना चाहिए। हर व्यक्ति के शरीर की जरूरत अलग होती है।
कुछ खाकर योग करने से क्या हो सकता है?
अगर आपने हल्का या भारी भोजन करने के तुरंत बाद योग शुरू कर दिया, तो कुछ लोगों को पेट भरा हुआ और भारी महसूस हो सकता है। खासतौर पर आगे झुकने वाले आसन, ट्विस्ट या पेट पर दबाव डालने वाले योगासन असहज लग सकते हैं। भोजन के तुरंत बाद योग करने से कुछ लोगों को इन समस्याओं का अनुभव हो सकता है,
- पेट में भारीपन महसूस होना
- गैस या पेट फूलना
- एसिडिटी या जलन
- मतली जैसा महसूस होना
- शरीर को झुकाने में परेशानी
- आलस्य या सुस्ती महसूस होना
इसलिए भोजन और योग के बीच शरीर को पाचन के लिए पर्याप्त समय देना बेहतर माना जाता है।
खाना खाने के कितनी देर बाद योग करना चाहिए?
अगर आपने भारी भोजन किया है, तो आमतौर पर योगाभ्यास से पहले पर्याप्त समय का अंतर रखना बेहतर होता है। कई पारंपरिक योग मार्गदर्शिकाएं भोजन के बाद करीब 2 से 3 घंटे का अंतर रखने की सलाह देती हैं।
वहीं अगर आपने बहुत हल्का स्नैक लिया है, तो कम समय बाद हल्का अभ्यास संभव हो सकता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपने क्या खाया है और आप किस तरह का योग करने वाले हैं।
उदाहरण के लिए, पेट भरकर खाना खाने के बाद तुरंत सूर्य नमस्कार या कठिन योगासन करना आरामदायक नहीं हो सकता।
अगर भूख लगी हो तो योग से पहले क्या खा सकते हैं?
अगर सुबह योग करने से पहले आपको बहुत ज्यादा भूख, कमजोरी या ऊर्जा की कमी महसूस हो रही है, तो अपनी स्थिति को नजरअंदाज न करें। कुछ लोग हल्का और आसानी से पचने वाला स्नैक लेकर थोड़ी देर बाद अभ्यास करना पसंद करते हैं। योग से पहले भारी भोजन के बजाय हल्के विकल्प चुने जा सकते हैं। जैसे,
- एक छोटा केला
- कुछ फल
- थोड़ी मात्रा में दही, अगर आपको यह अनुकूल हो
- हल्का और आसानी से पचने वाला स्नैक
हालांकि कितना और क्या खाना है, यह आपकी व्यक्तिगत जरूरत, स्वास्थ्य और योग के प्रकार पर निर्भर करता है।