भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़कर अब एक करोड़ दो लाख से ऊपर हो गए हैं जबकि मरने वालों की संख्या भी एक लाख 48 हजार के पार है। हालांकि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का कहना है कि देश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार कम हो रहे हैं। यहां संक्रमण की दर पिछले एक हफ्ते से 2.25 फीसदी पर स्थिर है। इस बीच यह भी कहा जा रहा है कि यहां अब वैक्सीन आने में ज्यादा समय नहीं है। जल्द ही किसी न किसी वैक्सीन को मंजूरी मिल जाएगी। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि भारत में सबसे पहले कौन सी वैक्सीन आएगी और पहले चरण में कितने लोगों को वैक्सीन दी जाएगी?
भारत में सबसे पहले कौन सी वैक्सीन आएगी और कितने लोगों को दी जाएगी? विशेषज्ञ से जानें सबकुछ
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पहले चरण में कितने लोगों को वैक्सीन दी जाएगी?
- दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. राजेंद्र कुमार धमीजा बताते हैं, 'सरकार ने पहले चरण में 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने की योजना बनाई है, जिनमें एक करोड़ हेल्थकेयर वर्कर्स हैं, जिनको अस्पताल चलाने हैं। इस सिस्टम को चालू रखना है। उसके बाद फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन दी जाएगी, जिनमें पुलिस वाले, एंबुलेंस ड्राइवर, आदि हैं। इनकी संख्या करीब दो करोड़ के आसपास है। उसके बाद 50 वर्ष की आयु से अधिक लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। इनकी संख्या करीब 27 करोड़ है।'
हमारे देश में कौन सी वैक्सीन सबसे पहले आएगी?
- डॉ. राजेंद्र कुमार धमीजा बताते हैं, 'हमारे देश में अभी तीन वैक्सीन पर तेजी से काम चल रहा है। उनमें से ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की कोवीशील्ड, जिसे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया बना रहा है, तो जल्द ही आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल सकती है। भारत की परिस्थितियों के हिसाब से यह काफी अनुकूल है, चाहे वो प्राइसिंग हो, स्टोरेज हो या लॉजिस्टिक्स हो।'
स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में वैक्सीन देने वाली टीम में कौन-कौन लोग शामिल होंगे?
- डॉ. राजेंद्र कुमार धमीजा बताते हैं, 'वैक्सीनेशन साइट (टीकाकरण स्थल) पर एक टीम में पांच सदस्य होंगे। मुख्य अधिकारी एक डॉक्टर होगा, उनके साथ एक नर्स और बाकी तीन उनके सहायक होंगे। फर्स्ट लीडर इंजेक्शन इंचार्ज होगा, सेकेंड लीडर का काम वैक्सीन के स्टोरेज की देखरेख करनी होगी। तीसरे सदस्य का काम दस्तावेजों की जांच करना होगा और बाकी के दो लोग क्राउड मैनेजमेंट का काम करेंगे, यानी किस-किस क्रम में लोगों को बुलाना है।'
क्या कोई भी वैक्सीनेशन साइट पर जाकर वैक्सीन लगवा सकेगा?
डॉ. राजेंद्र कुमार धमीजा कहते हैं, 'नहीं, वैक्सीनेशन साइट (टीकाकरण स्थल) पर मौजूद टीम को जिला प्रशासन द्वारा एक सूची मुहैया कराई जाएगी, जिसमें उनके नाम पहले से लिखे होंगे जिन्हें वैक्सीन दी जानी है। वहां केवल उन्हीं लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा, जिनका नाम सूची में होगा। उन्हें सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त फोटो आईडी-कार्ड साथ में लाना होगा। वैक्सीन के लाभार्थियों की सूची जिला प्रशासन द्वारा ही तैयार की जाएगी।'