Weight Loss Yoga For Kids: मोटापे को अक्सर हंसी का कारण समझा जाता है। लेकिन इसके पीछे बेहद पीड़ा छिपी है। दुनियाभर में विकास की प्रक्रिया पर मोटापा ब्रेक का काम करता है। खास बच्चों में मोटापे की समस्या बढ़ना चिंता का विषय बन रहा है। WHO की साल 2006 की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2 से 15 साल की उम्र के 16 फीसदी बच्चों में मोटापा पाया गया था। 8 से 15 साल के बच्चों में यह समस्या 66 फीसदी है और 16 % किशोर मोटापे से ग्रसित घोषित किए गए।
Childhood Obesity: बच्चों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा, जानें इसके 5 बड़े कारण और योग का असर
Yoga for Children: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2022 में 5 से 19 वर्ष की उम्र के 390 मिलियन से ज्यादा बच्चे और किशोर ओवरवेट थे, जिनमें 160 मिलियन से अधिक मोटापे के साथ रह रहे थे। इसका कारण अनुवांशिक, गलत जीवन प्रणाली, चिंता, तनाव, हार्मोनल विघ्र हो सकता है।
मोटापे के मुख्य कारण
इन्सुलिन एक बहुत जरूरी हार्मोन होता है, जो कि रक्त में ग्लूकोज (शुगर) का आदान प्रदान मसल्स और फैट की कोशिकाओं में करता है। इसके माध्यम से इंसुलिन ग्लूकोज की मात्रा को संतुलित करता है। फैट सेल मे इन्सुलिन रेजिस्टेन्स का प्रभाव मसल सेल की तुलना में ज्यादा पड़ता है, इसलिए मोटापे का एक मुख्य कारण ये भी हो सकता है।
- जीवनशैली- अत्यधिक आहार ग्रहण करना और आरामदायक जीवनशैली ही मोटापा वृद्धि का मूल कारण है। अस्त-व्यस्त जीवनशैली, तनावमुक्त मनस्थिति और अपर्याप्त निद्रा भी मोटापे पर प्रभाव डालते हैं।
- आनुवांशिकता - भूख, चयापचय और एडिपोकाइन के प्रवाह पर नियंत्रण करने वाला पाॅलीमोर्फिस्म जो जीन्स में पाया जाता है, भी मोटापे के विकास में मुख्य भूमिका अदा करता है।
- बीमारी- कुछ निश्चित शारीरिक और मानसिक बीमारियां एवं दवाएं भी मोटापे का कारण हो सकती हैं। धूम्रपान बंद करने में शरीर में निकोटीन की मात्रा घट जाती है एवं भूख बढ़ती है। कुछ फर्टिलिटी मेडिकेशन भी मोटापे में वृद्धि का कारण हो सकते हैं। ईटिंग डिस्आर्डर जैसे मानसिक बीमारियां भी मोटापे में वृद्धि की संभावना को बढ़ाता है।
मोटापे में योगाभ्यास पर हुए शोध
बहुत सारे प्रयोगात्मक शोध ऐसे हुए हैं जो शरीर के वजन को कम करने में योग की सफलता को दर्शाते हैं। क्रेफी व उनके साथियों ने मोटापे के लिए योग पैकेज तैयार कर एक शोध किया। एक शोध में स्वस्थ किशोरों के एक समूह पर तीन माह के लिए एक घंटा प्रतिदिन योग करवाया गया तथा प्रत्येक के वजन में कुछ न कुछ कमी पायी गई। पूरे समूह के वजन में औसतन 5.7 किलोग्राम की कमी पाई गई।
महाजन के एक शोध के अंतर्गत हृदयधमनी से जुड़े रोगियों को एक सप्ताह तक योग सिखाया गया, फिर 14 सप्ताह तक घर पर योगाभ्यास, जो नित्य एक घंटे सुबह करने को कहा गया। अभ्यास के परिणामस्वरूप योगियों के शरीर के भार में औसतन 72.48 से 70.48 किलोग्राम का सार्थक अंतर पाया गया।
मोटापे में योग के कुछ आसनों और प्राणायामों के पैकेज का नित्य अभ्यास से वजन घटाने में लाभ मिलता है। आइए जानते हैं आसनों के इस पैकेज के बारे में।
मोटापे में कौन से योग असरदार?
1. पहला सप्ताह
- कपालभाति
- पवनमुक्तासन 1
- पादउत्तानासन
- उत्थान पादासन
- शवासन
- शीतली और शीतकारी प्राणायाम
2. दूसरा सप्ताह
- कुंजल (सप्ताह में तीन बार)
- पूर्वोक्त आसन
- भुजंगासन
- शलभासन
- भस्त्रिका प्राणायाम
3. तीसरा सप्ताह
- लघु शंख प्रक्षालन (सप्ताह में एक बार)
- दूसरे सप्ताह के सभी आसन (पूर्वोक्त आसन, भुजंगासन, शलभासन)
- पवनमुक्तासन
- मकरासन
- पूर्वोक्त प्राणायाम
4. चौथा सप्ताह
- पूर्वोक्त शोधन क्रिया
- धनुरासन
- पश्चिमोत्तानासन
5. पांचवा सप्ताह
- सुप्त वज्रासन
- सूर्य नमस्कार