जम्मू संभाग के रियासी में चिनाब नदी पर बन रहा विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल इन दिनों रात में रोशनी से नहा रहा है। दूर से ही विहंगम नजारा देखकर हर किसी का ध्यान उस ओर सहज चला जा रहा है। उधमपुर-बारामुला रेल लिंक प्रोजेक्ट के तहत चिनाब नदी पर बन रहे इस पुल का काम तेजी से चल रहा है। रेलवे ने ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए 359 मीटर की ऊंचाई पर बन रहे पुल के निचले आर्क को जोड़ लिया है।
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विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल
- फोटो : विकास बड़ू
अब ऊपरी हिस्सा का आर्क भी जल्द जोड़ा जाएगा। 1,315 मीटर की लंबाई वाले पुल में 467 मीटर का मेन आर्क स्पैन है, जो अब तक बनी किसी भी ब्रॉड गेज लाइन का सबसे लंबा आर्क स्पैन है। जल्द ही जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी तक सीधी रेल सेवा शुरू होगी। दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब रेलवे ब्रिज बनकर तैयार होने वाला है। इससे न केवल यात्री ट्रेन, बल्कि सैनिकों की स्पेशल ट्रेनें भी तेज रफ्तार से दौड़ेंगी।
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विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल
- फोटो : विकास बड़ू
इस महीने के अंत तक ऊपर वाले आर्क का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद रेलवे ट्रैक बिछाने का काम शुरू कर देगा। माना जा रहा है कि आजादी के बाद भारतीय रेलवे के इतिहास में यह पुल मील का पत्थर साबित होगा, जो विज्ञान और तकनीक का बेहतरीन नमूना पेश करेगा।
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विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल
- फोटो : अमर उजाला
इस प्रोजेक्ट में कुल 38 टनल हैं, जिसमें सबसे लंबी टनल की लंबाई 12.75 किलोमीटर है। ब्रिज को बनाने के लिए खास तरह के दो केबल कार बनाए गए हैं, जिनकी क्षमता 20 और 37 मीट्रिक टन है। रेल अधिकारियों का कहना है कि 266 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भी हवा चली तो यह पुल आसानी से टिका रहेगा।
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विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल
बारामुला रेल लिंक पर चिनाब आर्क ब्रिज की लंबाई 467 मीटर है। इस पुल की कुल लंबाई 1315 मीटर है। नदी के तल से इसकी ऊंचाई 359 मीटर है, जो एफिल टावर व कुतुब मीनार की ऊंचाई से अधिक है। इसमें 26 बड़े और 11 छोटे पुल हैं। 37 पुलों की कुल लंबाई 7 किमी है। इसमें 35 टनल हैं। इनमें 27 मुख्य टनल हैं, जबकि 8 एस्केप टनल हैं।