{"_id":"6ad7d1ba6774a328470ecf6a","slug":"religious-news-jammu-news-c-10-jmu1059-1044118-2026-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: रघुनाथ मंदिर और अमर महल में \nडोगरा राजपरिवार ने की शस्त्र पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: रघुनाथ मंदिर और अमर महल में डोगरा राजपरिवार ने की शस्त्र पूजा
विज्ञापन
विजयदशमी के अवसर पर रघुनाथ मंदिर में डोगरा राजपरिवार ने पूजा-अर्चना की। स्रोत : धर्मार्थ ट्रस्ट
- अजातशत्रु सिंह और रणविजय सिंह ने विजयदशमी पर निभाई पारंपरिक रस्म
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। विजयदशमी पर पूर्व मंत्री अजातशत्रु सिंह और डोगरा राजपरिवार के रणविजय सिंह ने श्री रघुनाथ मंदिर और अमर महल पैलेस में पारंपरिक अनुष्ठान किए। शस्त्र पूजा कर डोगरा समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित रखने का संदेश दिया गया।
रघुनाथ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच डोगरा राजपरिवार के सदस्यों ने विजयदशमी की परंपराओं का निर्वहन करते हुए शस्त्र पूजा की। अमर महल पैलेस में शस्त्र पूजा के साथ सिंहासन पूजन भी किया गया। अजातशत्रु ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई और अन्याय पर धर्म की विजय का प्रतीक है। शस्त्र पूजा और अन्य पारंपरिक अनुष्ठान डोगरा संस्कृति के महत्वपूर्ण अंग हैं, जो क्षेत्र के शौर्य, ऐतिहासिक विरासत और सभ्यतागत मूल्यों को दर्शाते हैं। रणविजय सिंह ने कहा कि डोगरा राजपरिवार जम्मू की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक रीति-रिवाजों को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसी परंपराएं पीढ़ियों के बीच जुड़ाव मजबूत करती हैं और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ती हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। विजयदशमी पर पूर्व मंत्री अजातशत्रु सिंह और डोगरा राजपरिवार के रणविजय सिंह ने श्री रघुनाथ मंदिर और अमर महल पैलेस में पारंपरिक अनुष्ठान किए। शस्त्र पूजा कर डोगरा समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संरक्षित रखने का संदेश दिया गया।
रघुनाथ मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच डोगरा राजपरिवार के सदस्यों ने विजयदशमी की परंपराओं का निर्वहन करते हुए शस्त्र पूजा की। अमर महल पैलेस में शस्त्र पूजा के साथ सिंहासन पूजन भी किया गया। अजातशत्रु ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई और अन्याय पर धर्म की विजय का प्रतीक है। शस्त्र पूजा और अन्य पारंपरिक अनुष्ठान डोगरा संस्कृति के महत्वपूर्ण अंग हैं, जो क्षेत्र के शौर्य, ऐतिहासिक विरासत और सभ्यतागत मूल्यों को दर्शाते हैं। रणविजय सिंह ने कहा कि डोगरा राजपरिवार जम्मू की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक रीति-रिवाजों को सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसी परंपराएं पीढ़ियों के बीच जुड़ाव मजबूत करती हैं और युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ती हैं।
विज्ञापन