{"_id":"6ad7d1a0b8b2371c1b0b6755","slug":"book-launch-jammu-news-c-10-jmu1059-1044284-2026-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"डोगरी और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में \nसाहित्य और रंगमंच अहम : कविंदर गुप्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डोगरी और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में साहित्य और रंगमंच अहम : कविंदर गुप्ता
विज्ञापन
डॉ. सुधीर महाजन द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन करते हिमाचल के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता। स्रोत
- डॉ. सुधीर महाजन के डोगरी नाटकों की तीन पुस्तकों का विमोचन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने डोगरी भाषा और जम्मू-कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में साहित्य और रंगमंच को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने प्रसिद्ध रंगमंच निर्देशक एवं नाटककार डॉ. सुधीर महाजन द्वारा लिखित, रूपांतरित और अनुवादित डोगरी नाटकों की तीन पुस्तकों का विमोचन किया।
इनमें त्रै डोगरी नाटक, चार बाल नाटक और अनुवादित एवं रूपांतरित नाटकों का संग्रह शामिल है। तीनों पुस्तकों में सामाजिक, ऐतिहासिक, दार्शनिक और समकालीन विषयों पर आधारित कुल नौ नाटक संकलित हैं। इनमें नचिकेता, प्रह्लाद, ध्रुव और सच्चा ज्ञान जैसे प्रेरक प्रसंगों पर आधारित चार बाल नाटक भी शामिल हैं। गुप्ता ने बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता, नैतिक मूल्यों तथा आलोचनात्मक सोच विकसित करने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में गुणवत्तापूर्ण साहित्य एवं नाट्य सामग्री तैयार करने पर जोर दिया। माैके पर पूर्व संस्कृति मंत्री एवं भाजपा उपाध्यक्ष प्रिया सेठी, पद्मश्री मोहन सिंह, पद्मश्री डॉ. जितेंद्र उधमपुरी भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने डोगरी भाषा और जम्मू-कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में साहित्य और रंगमंच को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने प्रसिद्ध रंगमंच निर्देशक एवं नाटककार डॉ. सुधीर महाजन द्वारा लिखित, रूपांतरित और अनुवादित डोगरी नाटकों की तीन पुस्तकों का विमोचन किया।
इनमें त्रै डोगरी नाटक, चार बाल नाटक और अनुवादित एवं रूपांतरित नाटकों का संग्रह शामिल है। तीनों पुस्तकों में सामाजिक, ऐतिहासिक, दार्शनिक और समकालीन विषयों पर आधारित कुल नौ नाटक संकलित हैं। इनमें नचिकेता, प्रह्लाद, ध्रुव और सच्चा ज्ञान जैसे प्रेरक प्रसंगों पर आधारित चार बाल नाटक भी शामिल हैं। गुप्ता ने बच्चों और युवाओं में रचनात्मकता, नैतिक मूल्यों तथा आलोचनात्मक सोच विकसित करने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में गुणवत्तापूर्ण साहित्य एवं नाट्य सामग्री तैयार करने पर जोर दिया। माैके पर पूर्व संस्कृति मंत्री एवं भाजपा उपाध्यक्ष प्रिया सेठी, पद्मश्री मोहन सिंह, पद्मश्री डॉ. जितेंद्र उधमपुरी भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन