सजना है मुझे सजना के लिए
इससे पूर्व तड़के सरगी खाकर महिलाएं दिनभर निराहार रहेंगी। शुक्रवार तड़के से ही करवाचौथ का पर्व शुरू हो जाएगा। इसमें महिलाएं सास के साथ सरगी खाने की रस्म अदा करेंगी। दिन भर भूखे प्यासे रहकर चांद के दीदार का बेसब्री से इंतजार रहेगा। वीरवार को करवाचौथ की तैयारियों में पुराने शहर के साथ अधिकांश इलाकों में लोग व्यस्त रहे। महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी। पुराने शहर के पक्का डंगा, मोती बाजार, राज तिलक रोड, लिंक रोड, सिटी चौक आदि इलाकों में भारी भीड़ के बीच पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा था।
सजना है मुझे सजना के लिए
यातायात को बहाल रखने में ट्रैफिक और पुलिस कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। करवाचौथ की तैयारियों में पत्नियों के साथ संतरी से लेकर मंत्री भी जुटे रहे। बाजारों में ऐसे कई चेहरे दिखे। अधिकारियों का साथ मुलाजिम भी तैयारियों में लगे रहे। कार्यालयों में इसके लिए महिला कर्मचारी पहले ही निकल गई थी। त्योहार को देखते हुए महिला कर्मियों को राहत भी दी गई। करवाचौथ के लिए वीरवार देर रात तक मेहंदी लगवाने के लिए युवतियों और महिलाओं की भीड़ जुटी रही। पुराने शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में मेहंदी लगवाने की होड़ रही।
सजना है मुझे सजना के लिए
मेहंदी लगवाने को लेकर बच्चियों के साथ बड़ों में भी उत्साह रहा। करवाचौथ पर ऐसे पतियों की भी बड़ी संख्या होगी जो अपने साथी के साथ व्रत रखेंगे। आस्था और प्यार के इस पर्व पर पतियों में व्रत रखने का चलन बढ़ा है। युवा राजेश शर्मा ने कहा कि करवाचौथ प्यार का त्योहार है, ऐसे में अपने प्रिय के साथ उपवास रखने में कोई परहेज नहीं होना चाहिए। इससे एक-दूसरे के और करीब आने का मौका मिलता है। मौसम विभाग की मानें तो शुक्रवार को करवाचौथ की रात को चांद का दीदार कराने में मौसम पूरा साथ देगा।
सजना है मुझे सजना के लिए
राज्य मंत्री प्रिया सेठी के आवास पर हुए उत्सव समारोह में भाजपा महिला कार्यकर्ताओं सहित अन्य महिलाएं जमकर थिरकीं। इस दौरान राज्यमंत्री ने भी पर्व को धूमधाम से मनाया। उन्होंने कहा कि अपने पारंपरिक त्योहारों को बढ़-चढ़कर मनाना चाहिए। इसमें युवाओं की भागीदारी को बढ़ाया जाए। सरकार जम्मू संभाग में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक कदम उठा रही है। रियासत के तीनों खित्तों में 27 धरोहर साइट पर काम किया जाएगा। इस दौरान युद्धवीर सेठी, ममता सिंह, सुरेश, सरोज, रजनी, अंजू आदि मौजूद रहे।
सजना है मुझे सजना के लिए
चांद को अर्घ्य देकर अपना व्रत तोड़ेंगी। कंचन शर्मा का कहना है कि ऐसे हालात में छत पर जाकर चांद देखना किसी खतरे से खाली नहीं है। वह कोशिश करेंगी कि खुले मैदान में जाकर चांद का दीदार करें और फिर अपना व्रत तोड़ें।