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जम्मू: नदियों के बीच अंडरग्राउंड बंकर देख सेना भी हैरान, कई दिनों तक इनमें छिपकर बैठे रहते हैं आतंकी
Mon, 21 Sep 2020 02:12 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
Published by: प्राची प्रियम
Updated Mon, 21 Sep 2020 02:12 PM IST
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भूमिगत बंकर
- फोटो : अमर उजाला
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कश्मीर घाटी में आतंकवादियों का ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में छिपना या स्थानीय घरों में शरण लेना बीते दिनों की बात हो गई है। सेना और सुरक्षाबलों से बचने के लिए वे अब घने बगीचों में भूमिगत बंकर बनाते हैं। यहां तक कि मौसमी नदियों में बंकर खोदकर रहते हैं। यह ट्रेंड हाल में पुलवामा और शोपियां में ऑपरेशन के दौरान देखने को मिला है क्योंकि वहां सेब के घने बगीचे और जंगल हैं। यह कहना है सेना की आतंकवाद निरोधक यूनिट 44 राष्ट्रीय राइफल्स के कर्नल एके सिंह का।
भूमिगत बंकर
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि इन दोनों जिलों को आतंकियों का गढ़ माना जाता है। उनकी टीम के लिए भूमिगत बंकरों के मिलने के बाद स्थिति आसान नहीं थी क्योंकि यहां बिना सुरक्षा बलों की नजर में आए आतंकवादी कई दिनों तक छिपे रह सकते हैं। जलस्तर के उतार-चढ़ाव और अचानक आने वाली बाढ़ से प्रभावित रामबी अरा के बीच में कोई बंकर मिलना सुरक्षाबलों के लिए किसी अचरज से कम नहीं था।
भूमिगत बंकर
- फोटो : अमर उजाला
आतंकवादियों ने छिपने के लिए रामबी अरा के बीच में लोहे के बंकर बना रखे थे। सतर्क जवानों ने तेल के एक ड्रम का ढक्कन खुला देखा जिसका इस्तेमाल आतंकवादी बंकर में आने-जाने के रास्ते के तौर पर करते थे। संदेह के आधार पर वहां गुपचुप तरीके से नजर रखी जाने लगी। हमें यह देखकर बेहद हैरानी हुई कि नदी के बीच से आतंकवादी निकल रहे हैं जो आम तौर पर बारिश के मौसम में ही पानी से भरी रहती है।
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भूमिगत बंकर
- फोटो : PTI
प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन के पांच आतंकवादियों को इस साल के शुरुआत में मार गिराया गया था। हालांकि सेना के लिए इन आतंकवादियों के मारे जाने से ज्यादा चिंता की बात यह थी कि आतंकवादी भूमिगत बंकरों को बनाने और उनमें रहने में सक्षम हैं। बताया कि तकनीकी खुफिया निगरानी और मानव संसाधनों के जरिए आसपास के इलाकों तथा खासकर शोपियां में सर्वे का आदेश दिया गया। इस पर पारंपरिक कश्मीरी घरों के अंदर तहखानों और भूमिगत बंकरों की जानकारी मिलनी शुरू हो गई।
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भूमिगत बंकर
- फोटो : PTI
इस साल जून में बंदपोह में सेब के घने पेड़ों से ढंके और ऊंचाई वाले इलाके में स्थित एक और भूमिगत बंकर का सुरक्षाबलों ने पता लगाया। यहां आतंकवादी 12 फीट लंबा और 10 फीट चौड़ा भूमिगत बंकर बनाकर रह रहे थे। आतंकी वहां आराम से रह रहे थे जबकि सेना गांवों में उनकी तलाश कर रही थी। सुरक्षाबलों की नजर जब एक प्लास्टिक से जमीन के ढंके होने और वहां की मिट्टी ताजी खुदी होने पर गई तो इस बंकर का खुलासा हुआ। बताया कि ऑपरेशन में सबसे मुश्किल घड़ी उस वक्त आई जब बगीचे में एक गर्भवती समेत 50 महिलाएं मौजूद थीं। इन्हें सुरक्षित निकालकर ऑपरेशन को अंजाम दिया गया और भूमिगत बंकर के आसपास पांच आतंकवादियों को मार गिराया गया।