साल 2018 में भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और बीएसएफ ने बीते छह महीने में 100 आतंकी ढेर कर दिए हैं। मोस्ट वांटेड आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया। आलम यह है कि हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन में कोई कमांडर बनने को तैयार नहीं।
टॉप आतंकियों को मार गिराने का सिलसिला नए साल में भी जारी रहेगा। इसके लिए सुरक्षा बलों ने स्थानीय पुलिस की मदद से तकरीबन एक दर्जन खूंखार आतंकियों की लिस्ट तैयार की है।
गजवत उल हिंद चीफ जाकिर मूसा, हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर सद्दाम पाडर, लश्कर-ए-तैयबा कमांडर जीनत उल इस्लाम, हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर रियाज नैकू, हिजबुल का समीर टाइगर, अल्ताफ अहमद, तौसीफ शेख, लश्कर के शौकत टाक, मोहम्मद अब्बास शेख, हिलाल अहमद जैसे आतंकी सुरक्षाबलों की टाप लिस्ट में शामिल हैं।
2019 में इनका सफाया करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने कमर कस ली है। पुलिस, सीआरपीएफ और सेना की तिकड़ी मिलकर इनका सफाया करने के लिए तैयार है। जब किसी आतंकी को A++ कैटिगरी में रखा जाता है और उस पर 12 लाख रुपये का इनाम रखा जाता है तो यह माना जाता है कि उसके पास अब ज्यादा दिन की जिंदगी नहीं है।
नायको का एक और करीबी अल्ताफ अहमद डार उर्फ कचरू कुलगाम में हिजबुल का डिस्ट्रिक्ट कमांडर है और कुलगाम का ही रहने वाला भी है।
हिलाल अहमद मंछवा का रहने वाला है। हिजबुल मुजाहिदीन में ए प्लस श्रेणी का आतंकी है।
मोहम्मद अब्बास शेख उर्फ मौलवी कुलगाम के रामपुरा का रहने वाला है। हिजबुल मुजाहिदीन का ए प्लस श्रेणी का आतंकी है।
रियाज नैकू हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर है। 30 वर्षीय नैकू ए डबल प्लस श्रेणी का आतंकी है, जिसने बीएससी की हुई है। दक्षिण कश्मीर में नैकू सक्रिय है। जून 2012 से सक्रिय है।