शोपियां के मलिकगुंड में एनकाउंटर में मारे गए आतंकी उमर मलिक और वकार अहमद के जनाजे में काफी संख्या में शामिल लोगों ने आजादी के हक में नारे लगाए। लश्कर कमांडर नवीद जट ने भी अपने साथियों के साथ पहुंचकर गन सैल्यूट दी। इस बीच उसने आजादी और हाफि ज सईद के समर्थन में नारेबाजी भी की।
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मारे गए आतंकी के जनाजे में जुटे लोग
- फोटो : बासिद जरगर
सूत्रों की माने तो मुठभेड़ के दौरान फ रार हुए आतंकियों में नवीद जट भी था। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। वह पाकिस्तान के मुल्तान का रहने वाला है और नवंबर 2012 में उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा के फर्कियां इलाके से घुसपैठ कर कश्मीर में दाखिल हुआ था।
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मारे गए आतंकी के जनाजे में पहुंचे अन्य आतंकी
- फोटो : बासिद जरगर
दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग, शोपियां और पुलवामा जिलों में सक्रिय रहने के बाद 19 सितंबर 2014 को अनंतनाग के सेमपोरा बिजबिहाड़ा इलाके से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे श्रीनगर की सेंट्रल जेल में रखा गया। लेकिन गत छह फ रवरी को वह अपने कुछ साथियों की मदद से श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल से उस समय भागने में कामयाब हुआ जब उसे इलाज के लिए वहां लाया गया था।
नवीद श्रीनगर में संपादक शुजात बुखारी की हत्या समेत कई मामलों में शामिल रहा है। वह वर्ष 2014 में चुनावों के दौरान किए गए हमलों और अन्य कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के पीछे मास्टरमाइंड रहा है।
जनाजे के बाद भड़की हिंसा, एक की मौत
शोपियां के मलिकगुंड में आतंकियों के जनाजे के बाद हिंसा भड़क उठी। वहां तैनात सेना के जवानों पर पथराव हुआ। बताते हैं कि भीड़ में से जवानों पर फायरिंग की गई। जवाबी कार्रवाई में पुलवामा के एक युवक की मौत हो गई। दो अन्य युवक घायल हुए हैं। अफवाहों पर काबू पाने के लिए शोपियां व दक्षिणी कश्मीर के कुछ अन्य इलाकों में मोबाइल इंटरनेट ठप कर दी गई।