प्रदेश में केसर की पैदावार बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार इसी माह 85 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी करेगी। बीते साल केंद्र से 314 करोड़ मिले थे। ग्रांट को अक्तूूबर माह में तैयार होने वाले केसर की पैकेजिंग, टेस्टिंग और क्वालिटी बढ़ाने पर खर्च किया जाएगा। हालांकि पहले पैकेजिंग और टेस्टिंग पर ध्यान नहीं दिया जाता था। इस कारण कश्मीरी केसर की डिमांड अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम होती जा रही थी। अब गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे केसर के दाम भी बाजार में ज्यादा मिलेंगे।
कश्मीरी केसर की पैदावार बढ़ाने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, 85 करोड़ रुपये की मदद से बदलेगी तस्वीर
ग्रांट से केसर पार्क स्थित टेस्टिंग सेंटर में भी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जानी है। केंद्र की ओर से ग्रांट जारी करने को लेकर तमाम औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। इस संबंधी सूचना भी कृषि विभाग के पास पहुंच गई है।
साल 2014 में बाढ़ आने के बाद केसर की फसल को नुकसान हुआ था। उस समय ग्रांट नहीं मिली। इसके बाद बाद भी 2018 तक कोई ग्रांट जारी नहीं हुई। इस कारण फसल की पैदावार को बढ़ाया नहीं जा सका। किसान पुराने तरीके से ही खेती करते रहे। इस कारण पैदावार कम आने पर किसानों की आय नहीं बढ़ पाई।
कश्मीर घाटी और किश्तवाड़ में 226 गांवों के लगभग 40 हजार से ज्यादा किसान केसर की खेती से जुड़े हैं। ग्रांट मिलने पर किसानों को भी आधुनिक तकनीक से खेती करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही उपकरण भी मुहैया करवाए जाएंगे।
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केसर की पैदावार बढ़ाने के लिए 85 करोड़ की ग्रांट स्वीकृत हो गई है। इसी माह आने की संभावना है। इससे केसर की पैदावार बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक से खेती करने पर काम होना है। साथ ही नए उपकरण और टेस्टिंग लैब को अपग्रेड किया जाना है। पहले भी करोड़ रुपये की ग्रांट बीते साल मिल चुकी है।- अल्ताफ अंद्राबी, निदेशक, केसर मिशन