जम्मू-कश्मीर में आज दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आज सुबह हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों ने पहले 3 एसपीओ(स्पेशल पुलिस अफसर) समेत 4 लोगों को अगवा कर लिया। इसके बाद इन सभी पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी। इस वारदात के बाद 7 एसपीओ अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। इन पुलिसकर्मियों पूरे सम्मान के श्रद्धांजली दी गई है।
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shopian 3 spo murder
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि जम्मू कश्मीर के शोपियां से शुक्रवार सुबह जिन 3 पुलिसकर्मियों को आतंकियों ने अगवा किया था उनकी हत्या कर दी है, वहीं एक एसपीओ के भाई को रिहा कर दिया है। बताया जा रहा है कि जिन पुलिसवालों का अपहरण हुआ है उनमें 3 एसपीओ यानी स्पेशल पुलिस अफसर थे और एक एसपीओ का भाई है। डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा कि पुलिस जनता के लिए काम करती है, किसी को चोट पहुंचाने के लिए नहीं। इनके बारें में अफवाह नहीं फैलाई जानी चाहिए। अगर ऐसी कोई घटना होती है, तो हम इसमें देखेंगे। हमारे एसपीओ अपना कर्तव्य बहुत अच्छा कर रहे हैं। वे एक हैं हमारी सुरक्षा बलों का महत्वपूर्ण हिस्सा।
पुलिसवाले शोपियां के दो गांवों से अगवा किए गए हैं जिसमें कापरीन और बतागुंड शामिल हैं। पुलिसवालों के गायब होने के बाद उन्हें ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बता दें कि बीते दिनों हिजबुल मुजाहिदीन के मुखिया रियाज नेको ने कश्मीर के स्पेशल पुलिस अफसरों को आगाह किया था कि वह अपनी नौकरी छोड़ दें।
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आतंकी संगठन ने फिलहाल एसपीओ पर नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया है और सियासी कार्यकर्ता भी निशाने पर हैं। शोपियां में जो तीन पुलिसकर्मी और 1 नागरिक अगवा किए गए हैं उनकी पहचान एसपीओ फिरदौस अहमद, एसपीओ कुलदीप सिंह, एसपीओ निसार अहमद धोबी, फयाज अहमद भट(निसार अहमद का भाई) के रूप में हुई है।
तीन पुलिसकर्मियों को अगवा करने और फिर उनकी हत्या किए जाने के मामले में जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया है कि तीन और पुलिसकर्मी आतंकियों की गोली का शिकार हो गए। हम सब इस पर शोक, गुस्सा, हैरानी व सांत्वना व्यक्त करेंगे। दुर्भाग्य से इससे मृतकों के परिवार को कोई शांति नहीं मिलती।