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तो इस वजह से बौखलाया पाकिस्तान: जम्मू संभाग में बढ़ती आतंकी गतिविधियों और घुसपैठ के पुराने रास्तों पर एक नजर

Sat, 10 Jul 2021 09:45 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 10 Jul 2021 09:45 AM IST
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Terrorist organizations are stunned by breaking of the backbone of terrorism in Kashmir Valley, abrogation of Article 370, DDC elections, delimitation process, increasing political activities and alert people
सीमा पर तैनात जवान - फोटो : साकिब नबी

कश्मीर घाटी में आतंकवाद की कमर टूटने, अनुच्छेद 370 हटने, डीडीसी चुनाव, परिसीमन प्रक्रिया, बढ़ती सियासी हलचल और सजग होती अवाम से आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं। जोकि प्रदेश को एक बार फिर बारूद की गंध में झोंकने की साजिशें रच रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि जम्मू संभाग में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने की साजिश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई रच रही है। पाकिस्तान घुसपैठ के पुराने रूटों को सक्रिय कर रहा है। जम्मू एयरपोर्ट के टेक्निकल एरिया में ड्रोन हमला और इसके बाद जम्मू संभाग में बढ़ीं आतंकी गतिविधियां इसकी तस्दीक करती हैं। एक नजर डालते हैं उन रास्तों पर जो कभी आतंकियों के लिए घुसपैठ के रूट हुआ करते थे...


सांबा जिले में बसंतर और देविका नदी जिस जगह आपस में जुड़ती हैं, उससे बिल्कुल नजदीक अंतरराष्ट्रीय सीमा पड़ती है। इसी नदी क्षेत्र को आतंकी गतिविधियाें के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस रूट से हाईवे और सीमा की दूरी छह किलोमीटर से भी कम है।
 

Terrorist organizations are stunned by breaking of the backbone of terrorism in Kashmir Valley, abrogation of Article 370, DDC elections, delimitation process, increasing political activities and alert people
सुरक्षाबल - फोटो : साकिब नबी

हाईवे के दोनों तरफ नदी का क्षेत्र है जबकि उत्तर दिशा में जंगल क्षेत्र है, जिसे संदिग्ध गतिविधियाें के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। बंसतर व देविका नदी क्षेत्र आतंकी घुसपैठ के पुराने मार्ग रहे हैं। इन्हीं मार्गों को आतंकी दोबारा सक्रिय करने की फिराक में हैं।


 
Terrorist organizations are stunned by breaking of the backbone of terrorism in Kashmir Valley, abrogation of Article 370, DDC elections, delimitation process, increasing political activities and alert people
सुरक्षाबल - फोटो : साकिब नबी

उधर, हीरानगर सेक्टर से गुजरने वाले दरियाई नाले कई बार घुसपैठ के लिए इस्तेमाल हो चुके हैं। पिछले दो दशक से यह रूट संवेदनशील बने हुए हैं। हीरानगर सेक्टर में पहाड़पुर-मादा-भाग नाला से छब्बे चक-उज्ज राजबाग, पानसर-बसेरा नाला से हरियाचक, शाप नाला से किशनपुर, मनियारी-मंडियाल-तरनाह नाला से हाईवे, बेई नाला-जांडी नाला, तरनाह नाला-लोंडी मोड़, करोल कृष्णा-चकड़ा से चड़वाल हाईवे, चंदवां से हरिपुर-पाट्टल से हाईवे घुसपैठ के पुराने रूट रहे हैं। 


 
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Terrorist organizations are stunned by breaking of the backbone of terrorism in Kashmir Valley, abrogation of Article 370, DDC elections, delimitation process, increasing political activities and alert people
सुरक्षाबल - फोटो : साकिब नबी

आतंकी सुंदरबनी और नौशेरा से घुसपैठ करके कालाकोट के रास्ते रियासी और बुद्धल की तरफ निकल जाते थे। यहां से कुछ आतंकी रियासी से होकर जम्मू संभाग और कुछ आतंकी बुद्धल से होकर कश्मीर संभाग जाते थे। आतंकी फिर से ऐसा ही करने लगे हैं।


 
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Terrorist organizations are stunned by breaking of the backbone of terrorism in Kashmir Valley, abrogation of Article 370, DDC elections, delimitation process, increasing political activities and alert people
सुरक्षाबल - फोटो : साकिब नबी

गुरुवार को नियंत्रण रेखा के सुंदरबनी सेक्टर में दादल के जंगल क्षेत्र में ढेर किए गए आतंकी नदी को पार करने के लिए रबड़ ट्यूब साथ लेकर आए थे। दादल के जंगल में बनी गुफा की तलाशी लेने पर सेना ने रबड़ ट्यूब, हवा भरने वाला पंप, भारी मात्रा में असलहा और खाने-पीने का सामान बरामद किया है। दोनों आतंकी सेना की वर्दी पहने हुए थे।

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