श्रीनगर शहर के डाउनटाउन इलाके के ईदगाह स्थित सरकारी ब्वॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल में गुरुवार को दिनदहाड़े घुसकर आतंकियों ने प्रिंसिपल समेत दो अल्पसंख्यक शिक्षकों की हत्या कर दी। प्रिंसिपल सिख समुदाय की थीं जो बडगाम की रहने वाली थीं। दूसरा शिक्षक जम्मू का था। वारदात के बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। पिछले पांच दिनों में आतंकियों ने सात नागरिकों की हत्या की है, जिसमें चार अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। अकेले छह हत्याएं ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में हुई हैं।
चश्मदीद बोले: तीन आतंकी स्कूल में दाखिल हुए, परिचय पत्र लिए और दो अध्यापकों को किनारे पर ले गए फिर...
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स्कूल के एक शिक्षक ने बताया कि कुछ लोग स्कूल में दाखिल हुए। उन्होंने बहार बैठे स्कूल के शिक्षकों के परिचय पत्र चेक किए और उनसे उनके मोबाइल ले लिए। दो टीचरों को किनारे पर ले गए जिसके बाद गोलियों की आवाज सुनाई दी। उन्होंने खून में लथपथ स्कूल के दो शिक्षकों को जमीन पर पड़ा देखा। एक अन्य टीचर ने बताया कि जिस समय यह घटना हुई उस समय टी-ब्रेक चल रहा था और वे अंदर चाय पी रहे थे। उन्हें गोलियों की आवाज सुनाई दी। बाहर निकलने पर उन्होंने प्रिंसिपल के ऑफिस के बाहर दीपक को गिरा देखा, बाद में देखा कि प्रिंसिपल भी जमीन पर गिरी पड़ी हैं। गोली चलने की आवाज सुनकर वहा अचानक अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया।
घटना की जिम्मेदारी आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। कहा कि 15 अगस्त को तिरंगे को सैल्यूट करने के लिए विद्यार्थियों को बाध्य करने का बदला लिया गया है। गत छह अक्तूबर को श्रीनगर में कश्मीरी पंडित कारोबारी एमएल बिंदरू, गोलगप्पा विक्रेता बिहार निवासी वीरेंद्र पासवान व बांदीपोरा में सूमो स्टैंड अध्यक्ष मोहम्मद शफी लोन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले दो अक्तूबर को श्रीनगर के करन नगर में माजिद अहमद गोजरी व बटमालू में मोहम्मद शफी डार की हत्या कर दी थी।
इस घटना के बाद स्कूल के अहाते में टीचर अपने दो साथियों की बर्बरतापूर्ण की गई हत्या को लेकर सहमे हुए बैठे थे। कुछ तो बात करते समय जोर-जोर से रोने लगे। इस घटना के तुरंत बाद पुलिस और सीआरपीएफ के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का जायजा लिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल के आस-पास के इलाकों में तुरंत एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया।
पुलिस ने बताया कि घटना के चश्मदीदों के अनुसार उन्होंने फायरिंग के बाद तीन लोगों को भागते हुए देखा। हो सकता है कि कोई और भी बहार उनका इंतजार कर रहा हो। इसलिए माना जा रहा है कि हमलावरों की संख्या चार होगी। पुलिस द्वारा जारी किए गए बयान में कहा गया है कि पॉलीवे को करीब साढ़े ग्यारह बजे सूचना मिली कि ईदगाह के संगम में आतंकियों ने एक सरकारी स्कूल के शिक्षकों पर गोलियां चलाई हैं। तुरंत डीजीपी दिलबाग सिंह, आईजीपी कश्मीर विजय कुमार, आईजी सीआरपीएफ श्रीनगर सेक्टर चारु सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। डीजीपी ने साथी शिक्षकों से भी घटना के बारे में जानकारी ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।