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हंगपन दादा जैसे जांबाज रहे हैं इस रेजीमेंट का हिस्सा,10 तस्वीरों मे बहादुरी की पूरी कहानी

Tue, 31 Jan 2017 03:05 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 31 Jan 2017 03:05 PM IST
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story of hangpan dada's regiment
Rashtriya Rifles - फोटो : FILE PHOTO
भारतीय सेना के जांबाज सपूत हवलदार हंगपन दादा जिस रेजीमेंट का हिस्सा थे उसे आतंक के लिए मौत का दूसरा नाम माना जाता है। करीब 17000 आतंकवादियों को नेस्तनाबूत करने वाली सेना की ये रेजीमेंट देश की सबसे घातक सैन्य रेजीमेंट्स में से एक मानी जाती है। जानें हंगपन दादा से जांबाजों की इस रेजीमेंट से जुड़ी बड़ी बातें। तस्वीरें.
story of hangpan dada's regiment
encounter - फोटो : FILE PHOTO
हंगपन दादा सेना की राष्ट्रीय राइफल्स नाम की रेजीमेंट के एक जांबाज जवान थे जिन्होंने कश्मीर की शमसाबरी रेंज में 13,000 फीट की ऊंचाई वाले क्षेत्र में पीओके की तरफ से उत्तरी कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे 4 आतंकियों को मार गिराया था। 
story of hangpan dada's regiment
encounter - फोटो : file Photo
दरअसल भारतीय सेना की राष्ट्रीय राइफल्स रेजीमेंट को काउंटर इनसरजेंसी ऑपरेशन के लिए इसके महारथ के लिए जाना जाता है। हजारों आतंकियों को नेस्तनाबूत करने वाली यह रेजीमेंट आतंकियों के लिए मौत का दूसरा नाम कही जाती है। 
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story of hangpan dada's regiment
encounter - फोटो : File Photo
अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र और 1500 से ज्यादा सेना मेडल जैसे विशिष्ट पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी इस रेजीमेंट ने हजारों आतंकियों को नेस्तनाबूत किया है । 
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story of hangpan dada's regiment
encounter - फोटो : File Photo
सेना की इस फौज के जवानों ने देश के कई इलाकों खासतौर से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और उग्रवाद को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है ।
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