राज्य सरकार ने कहा है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद हालात में तेजी के साथ सुधार हो रहा है, लेकिन सीमापार से आतंकवाद का खतरा बना हुआ है। विरोध प्रदर्शनों में कमी आई है। सीमा पार के खतरे को देखते हुए सुरक्षा बलों को राज्यभर में हाई अलर्ट पर रखा गया है।
घाटी में सुधर रहे हालात, पर सीमापार से आतंकवाद का खतरा बरकरार
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सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने राज्य के हालात पर पत्रकारों को बताया कि कश्मीर घाटी के 69 थाना और जम्मू संभाग में 81 थाना क्षेत्रों से दिन की पाबंदी हटा ली गई है। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त के बाद से प्रदेश में चरमपंथी घटनाओं की संख्या में भी कमी आई है और राज्य की स्थिति सामान्य होने की दिशा में बढ़ रही है। प्रदेश में तकरीबन एक हजार मिडिल स्कूल और 1500 प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो गई है। हालांकि, स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति अभी कम है।
शिक्षा विभाग लगातार यह कोशिश कर रहा है कि पाबंदी न रहने वाले इलाकों में स्कूल सुचारु चलें। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बल लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। तेजी से घटनाओं में कमी आई है। जिन इलाकों से पाबंदियां हटा ली गई हैं वहां लैंडलाइन सेवा बहाल कर दी गई है। लैंडलाइन फोन की बहाली मैनुअल होने की वजह से इसमें थोड़ा समय लग रहा है। आठ नए एक्सचेंज और 5300 फोन जल्द शुरू कर दिए जाएंगे।
कंसल ने बताया कि सरकार लगातार फल उत्पादकों के संपर्क में है। सेब और अन्य फलों को बाजार तक बिना किसी रोकटोक के पहुंचाने के सभी इंतजाम किए गए हैं। संभागीय और जिला प्रशासन को हिदायत दी गई है कि वे फल उत्पादकों के संपर्क में रहें और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न आने दें।
कई इलाकों से पाबंदियां हटीं
अलगाववादियों के यूएन मार्च के आह्वान के मद्देनजर शुक्रवार को लगाई गई पाबंदियां कई इलाकों से शनिवार को हटा ली गईं। डाउनटाउन व संवेदनशील इलाकों में अब भी बैरिकेडिंग है। सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही भी बढ़ गई और दफ्तरों में भी लोगों की उपस्थिति बढ़ी। बाजारों में दुकानें सुबह के वक्त खुलीं। शहर के बटमालू और लाल चौक इलाके में कुछ दुकानदारों ने अपने स्टॉल लगाए।