फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सियाचिन ग्लेशियर: 35 सालों में 900 से अधिक जवानों ने दी शहादत

Tue, 19 Nov 2019 12:13 AM IST
Pranjal Dixit प्रांजल दीक्षित, जम्मू
प्रांजल दीक्षित, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Tue, 19 Nov 2019 12:13 AM IST
विज्ञापन
Siachen glacier, average two soldiers are killed every month, 900 soldiers martyred in 35 years
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
सियाचिन ग्लेशियर में सोमवार को दोपहर बाद भारी हिमस्खलन में सेना की पेट्रोलिंग पार्टी के आठ जवान व पोर्टर लापता हो गए। इनमें से छह की मौत हो गई है। घटना के बाद व्यापक पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया था। सेना ने इसकी पुष्टि कर दी है।


 
Siachen glacier, average two soldiers are killed every month, 900 soldiers martyred in 35 years
सैन्य प्रवक्ता के अनुसार 19 हजार फुट की ऊंचाई पर सियाचिन ग्लेशियर के उत्तरी सेक्टर में काम कर रहे आठ कर्मचारी हिमस्खलन की चपेट में आ गए। सूचना पर पास के पोस्ट से बचाव टीम को तत्काल मौके पर भेजकर बचाव कार्य शुरू किया गया। बर्फ में दबे आठ लोगों को निकालकर हेलीकाप्टर से पास के सैन्य अस्पताल में पहुंचाया गया। इनमें सात की हालत गंभीर थी। इलाज के दौरान छह की मौत हो गई। इनमें चार जवान तथा दो पोर्टर शामिल हैं, जिन्होंने काफी देर तक बर्फ में दबे रहने के कारण दम तोड़ दिया। 

 
Siachen glacier, average two soldiers are killed every month, 900 soldiers martyred in 35 years
जिस वक्त हिमस्खलन हुआ जवान उत्तरी ग्लेशियर में थे। पोर्टर्स समेत पेट्रोलिंग पार्टी चौकी पर बीमार एक अन्य व्यक्ति को निकालने गई थी। इसी दौरान दोपहर बाद लगभग तीन बजे भारी हिमस्खलन हो गया। इसकी चपेट में आकर पेट्रोलिंग पार्टी के सभी लोग दब गए। सूत्रों ने बताया कि पेट्रोलिंग ड्यूटी 6 डोगरा के जवानों की थी। काजी और बाना पोस्ट के बीच वे हिमस्खलन की चपेट में आ गए। अभियान में मदद के लिए खोजी कुत्ते भी लगाए गए।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Siachen glacier, average two soldiers are killed every month, 900 soldiers martyred in 35 years
प्रमुख घटनाएं
  • 10 नवंबर, 2019: उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में हिमस्खलन की चपेट में आकर सेना के दो पोर्टरों की मौत
  • 31 मार्च, 2019: उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में हिमस्खलन में दबकर मथुरा के हवलदार सत्यवीर सिंह शहीद
  • 3 मार्च, 2019 : कारगिल के बटालिक सेक्टर में ड्यूटी के दौरान हिमस्खलन में पंजाब के नायक कुलदीप सिंह शहीद
  • 8 फरवरी, 2019: जवाहर टनल पुलिस पोस्ट हिमस्खलन की चपेट में आई, 10 पुलिसकर्मी लापता, आठ बचाए गए
  • 3 फरवरी, 2016: हिमस्खलन की चपेट में आकर 10 जवान शहीद, बर्फ में दबे लायंस नायक हनुमनथप्पा को छह दिन बाद निकाला गया लेकिन 11 फरवरी को उन्होंने दम तोड़ दिया 
  • 16 मार्च, 2012: सियाचिन में बर्फ में दबकर छह जवान हुए शहीद 

 
विज्ञापन
Siachen glacier, average two soldiers are killed every month, 900 soldiers martyred in 35 years
1984 में हुई थी सेना की तैनाती
युद्ध के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन में भारत ने 1984 में सेना की तैनाती शुरू की थी। दरअसल, इस दौरान पाकिस्तान की ओर से अपने सैनिकों को भेजकर यहां कब्जे की कोशिश की गई थी। इसके बाद से लगातार यहां जवानों की तैनाती रही है।

 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed