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Jammu News: एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर, जिला अस्पताल स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ाईं
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सांबा जिले भर के स्वास्थ्य केंद्रों पर भी कर्मचारियों ने 72 घंटे की हड़ताल कर शुरू किया धरना-प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले भर के स्वास्थ्य केंद्रों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर 72 घंटे की काम छोड़ो हड़ताल शुरू कर दी। इससे जिला अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं। हड़ताली कर्मचारियों ने पे-रिवीजन, जॉब पॉलिसी, रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए गोल्डन हैंडशेक तथा समय पर वेतन जारी करने की मांग उठाई। जिला अस्पताल में प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि सरकार उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर जल्द निर्णय ले, ताकि वे सामान्य रूप से अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर सकें। उनका कहना है कि यदि सरकार मांगें मान लेती है तो वे तुरंत काम पर लौट आएंगे, अन्यथा अगली रणनीति पैरेंट्स बॉडी के निर्णय के अनुसार तय की जाएगी।
उधर हड़ताल के कारण जिला अस्पताल में केवल आपातकालीन सेवाएं संचालित हो रही हैं। ओपीडी सीमित रूप से डॉक्टरों द्वारा चलाई जा रही है, जबकि लैब, एक्स-रे सहित कई अन्य सेवाएं प्रभावित हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इसका सबसे अधिक असर मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें जांच सुविधाएं न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
महिला कर्मचारियों ने बताया कि कई बार दो-दो और तीन-तीन महीने तक वेतन नहीं मिलता, जबकि वर्तमान वेतन भी परिवार की जरूरतों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सरकार से वेतन संशोधन, स्थायी जॉब पॉलिसी और रिटायरमेंट लाभ सुनिश्चित करने की मांग की। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं जल्द पूरी तरह बहाल हो सकें।
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परेशान रहे मरीज
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से जिला अस्पताल के साथ जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी इस का व्यापक असर देखने को मिला। अस्पताल में पहुंचने बाले मरीज दरबदर होते रहे। महिला रतनो देवी ने कहा कि उन्हें एक्सरे के लिए कहा गया लेकिन एक्सरे में कोई कर्मी नही था उन्हें वापस लौटना पड़ा। वहीं रमेश चंद्र ने कहा कि रक्त की जांच करवानी थी हड़ताल के चलते उन्हें खाली लौटना पड़ा। कुल मिला कर मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पडा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले भर के स्वास्थ्य केंद्रों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर 72 घंटे की काम छोड़ो हड़ताल शुरू कर दी। इससे जिला अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं। हड़ताली कर्मचारियों ने पे-रिवीजन, जॉब पॉलिसी, रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए गोल्डन हैंडशेक तथा समय पर वेतन जारी करने की मांग उठाई। जिला अस्पताल में प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कहा कि सरकार उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर जल्द निर्णय ले, ताकि वे सामान्य रूप से अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर सकें। उनका कहना है कि यदि सरकार मांगें मान लेती है तो वे तुरंत काम पर लौट आएंगे, अन्यथा अगली रणनीति पैरेंट्स बॉडी के निर्णय के अनुसार तय की जाएगी।
उधर हड़ताल के कारण जिला अस्पताल में केवल आपातकालीन सेवाएं संचालित हो रही हैं। ओपीडी सीमित रूप से डॉक्टरों द्वारा चलाई जा रही है, जबकि लैब, एक्स-रे सहित कई अन्य सेवाएं प्रभावित हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इसका सबसे अधिक असर मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें जांच सुविधाएं न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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महिला कर्मचारियों ने बताया कि कई बार दो-दो और तीन-तीन महीने तक वेतन नहीं मिलता, जबकि वर्तमान वेतन भी परिवार की जरूरतों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सरकार से वेतन संशोधन, स्थायी जॉब पॉलिसी और रिटायरमेंट लाभ सुनिश्चित करने की मांग की। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं जल्द पूरी तरह बहाल हो सकें।
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परेशान रहे मरीज
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से जिला अस्पताल के साथ जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी इस का व्यापक असर देखने को मिला। अस्पताल में पहुंचने बाले मरीज दरबदर होते रहे। महिला रतनो देवी ने कहा कि उन्हें एक्सरे के लिए कहा गया लेकिन एक्सरे में कोई कर्मी नही था उन्हें वापस लौटना पड़ा। वहीं रमेश चंद्र ने कहा कि रक्त की जांच करवानी थी हड़ताल के चलते उन्हें खाली लौटना पड़ा। कुल मिला कर मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पडा।