सीमापार से घुसपैठ की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने पहाड़ी क्षेत्र गोरण के जंगलों में तलाशी अभियान चलाया। हालांकि सुरक्षाबलों के हाथ कुछ भी नहीं लगा। पिछले कुछ दिनों से इस इलाके में लगातार घुसपैठ की सूचनाएं मिल रही हैं। इस सिलसिले में सुरक्षा एजेंसियां इलाके पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।
घुसपैठियों की तलाश में सुरक्षाबलों ने खंगाला गोरण का जंगल, इलाके पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर
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सूत्रों का कहना है कि पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों को सीमा से घुसपैठ की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर यह अभियान चलाया था। हालांकि पुलिस इसे नियमित तलाशी अभियान का हिस्सा बता रही है। इससे पहले 16 मई को भी जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों की ओर बहने वाले नदी नालों पर दो दिनों तक सेना ने तलाशी अभियान चलाया था।
रक्षा सूत्रों ने दावा किया था कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर बहने वाले नदी नालों से घुसपैठ कराने की कोशिश में है। इलाके का बबर नाला पहले तस्करों का मुख्य मार्ग रहा है। बाद में इसी मार्ग से घुसपैठ होना शुरू हो गई। इसके चलते सेना ने इस इलाके में गश्त बढ़ा दी।
बसंतर दरिया के किनारों पर भी सेना ने तलाशी अभियान चलाया जो फूलपुर तक चला। बसंतर दरिया से घुसपैठ के कई सफल प्रयास हो चुके हैं। इस क्षेत्र पर घुसपैठियों की हमेशा ही नजर रहती है, क्योंकि यह हाईवे की सीमा के काफी निकट है। सीमा के निकट बसंतर दरिया के दोनों ओर घना सरकंडा होने का भी घुसपैठियों को लाभ मिलता रहा है।
9 मई को कारड पंचायत के गांव ढुंगा से पुलिस ने ग्रेनेड और गोला-बारूद बरामद किया था। उसी दिन पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बहने वाले नदी, नालों के आसपास भी खोजबीन की थी लेकिन कुछ नहीं मिला था।