अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अलगाववादियों के यूएन चलो मार्च के पोस्टर शहर में नजर आने के बाद शुक्रवार को सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर रहीं। जमीन से लेकर आसमान तक निगरानी की गई। शहर में पाबंदियां सख्त करते हुए कई इलाकों में कंटीले तार बिछा दिए गए। लाल चौक तथा सोनावर जाने वाले रास्ते को सील कर दिया गया क्योंकि इसी रास्ते पर यूएन का दफ्तर है। सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ा दी गई ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। ज्ञात हो कि माहौल में सुधार होते देख प्रशासन की ओर से डाउनटाउन व कुछ अन्य इलाकों को छोड़कर ज्यादातर स्थानों से पाबंदियां हटा दी गई थीं।
हाल-ए-कश्मीरः जमीन से लेकर आसमान तक निगरानी, लाल चौक और यूएन दफ्तर जाने वाले रास्ते सील
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अलगाववादियों के जुमे की नमाज के बाद मार्च के आह्वान के मद्देनजर यूएन दफ्तर के ऊपर दिनभर सुरक्षाबलों और सेना के हेलीकॉप्टर चक्कर काटते रहे। सुबह आठ से शाम चार बजे तक करीबन 16 बार हेलीकॉप्टर से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की गई। सुरक्षा इतनी कड़ी थी कि यूएन दफ्तर तक पहुंचना तो दूर उसके अगल-बगल की कालोनियों और कार्यालयों में लोगों का गुजरना मुश्किल हो गया था। श्रीनगर शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी हेलीकॉप्टर के जरिये हवाई सर्विलांस बनाए रखी गई।
अलगाववादियों के कॉल पर सुबह 6 बजे से ही घाटी में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी गई। इसके कारण कई इलाकों में मिली छूट भी समाप्त हुई। हालांकि शाम छह बजे कुछ जगहों से सुरक्षा व्यवस्था हटा ली गई और घाटी फिर उसी रंग में लौट आई। श्रीनगर के सिविल लाइन के साथ-साथ आस-पास के इलाकों में सड़कों पर कंटीली तारें बिछा दी गईं। वाहनों को चेकिंग के बाद ही जाने की अनुमति दी गई। सोनवार इलाके में स्थित यूएनओ दफ्तर की ओर जाने वाले रास्ते डलगेट इलाके से ही सील कर दिए गए थे।
श्रीनगर का डाउन टाउन इलाका भी पूरी तरह से सील रहा। नौहट्टा में स्थित ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। पाबंदियों के चलते स्कूल बंद रहे। सरकारी कार्यालयों में हाजिरी भी प्रभावित हुई। मोबाइल तथा इंटरनेट सेवाएं 18वें दिन भी बंद रहीं। सड़कों पर सार्वजनिक यातायात नहीं चले, लेकिन निजी वाहन से लोग आते-जाते दिखे। सुबह के वक्त दुकानें खुलीं, लेकिन बाद में किसी प्रकार की हिंसा की आशंका में बंद कर दी गईं।
पाबंदियों के बावजूद श्रीनगर समेत घाटी के कई इलाकों में छिटपुट पथराव की घटनाएं हुईं। लोग जुमे की नमाज के बाद मस्जिदों के बाहर एकत्रित हुए और प्रदर्शन किया। कुछ जगहों पर युवाओं ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया। हालांकि, सुरक्षा बलों ने तत्काल प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया। श्रीनगर के छानपोरा इलाके में अल-हदीस मस्जिद में नमाज के बाद युवाओं ने जुलूस निकालने की कोशिश की, जिसे सुरक्षाबलों ने तितर-बितर किया। इसके अलावा सोवरा, बटमालू, नटीपोरा, बेमिना के साथ-साथ कुछ अन्य इलाकों में हल्की पत्थरबाजी देखने को मिली।