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Jammu News: जम्मू-कश्मीर क्रिकेट का स्वर्णिम साल रणजी व विजय मर्चेंट पर जमाया कब्जा
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राष्ट्रीय खेल दिवस : 67 साल का सूखा खत्म कर कर्नाटक को हराकर पहली बार जीती प्रतिष्ठित रणजी ट्रॉफी
अंडर-16 ने विजय मर्चेंट ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप का खिताब जीता, महिला क्रिकेट में भी उभरी नई प्रतिभाएं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए 2025 और 2026 में अब तक का सफर सिर्फ एक शानदार साल नहीं, बल्कि उस बदलाव की तस्वीर है जिसका इंतजार लंबे समय से था। सीनियर टीम ने 67 साल के बाद 28 फरवरी 2026 को पहली बार रणजी ट्रॉफी पर कब्जा किया। अंडर-16 टीम ने विजय मर्चेंट ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप का खिताब जीतकर अगली पीढ़ी की ताकत दिखाई।
प्रदेश के खिलाड़ियों ने आईपीएल और भारतीय टीम तक दस्तक दी। नाॅर्थ जोन में भी जम्मू-कश्मीर की मौजूदगी मजबूत हुई। महिला क्रिकेट में नई प्रतिभाओं के उभार ने इस तस्वीर को और व्यापक बनाया। यानी यह किसी एक टीम या एक टूर्नामेंट की सफलता नहीं, बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के बदलते स्वरूप की कहानी है। रणजी सत्र में जम्मू-कश्मीर ने लीग चरण से ही अपनी दावेदारी मजबूत की थी। टीम ने राजस्थान, दिल्ली और हैदराबाद जैसी टीमों को हराया। क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश और सेमीफाइनल में बंगाल को मात देकर फाइनल में जगह पक्की की। खिताबी मुकाबले में आठ बार की चैंपियन कर्नाटक से टक्कर थी। मजबूत टीम के खिलाफ पहली पारी में 291 रन की बढ़त हासिल कर जम्मू-कश्मीर ने खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक अभियान के सबसे बड़े सितारे रहे आकिब नबी। उन्होंने 10 मैचों में 60 विकेट लेकर टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लिए। अनुभवी कप्तान पारस डोगरा ने इस अभियान को खास बनाया। रणजी में 10 हजार रन पूरे किए और टीम को पहला खिताब दिलाया।
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जीत का दिखा असर, दलीप ट्रॉफी
की नाॅर्थ जोन की टीम बढ़ा दबदबा
रणजी चैंपियन बनने के बाद जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत का असर नाॅर्थ जोन की टीम में साफ दिखाई दी। 2026-27 दलीप ट्रॉफी के लिए नाॅर्थ जोन की 15 सदस्यीय टीम में जम्मू-कश्मीर के छह खिलाड़ी शामिल किए गए हैं। विकेटकीपर-बल्लेबाज कन्हैया वाधवान को कप्तान बनाया गया है।
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मिजोरम को हराकर विजय
मर्चेंट ट्रॉफी प्लेट ग्रुप जीता
रणजी ट्रॉफी की ऐतिहासिक जीत से पहले ही जम्मू-कश्मीर की अंडर-16 टीम ने भी इतिहास रचा था। चार से सात जनवरी तक सूरत में खेले गए फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने मिजोरम को पारी और 182 रन से हराकर विजय मर्चेंट ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का खिताब जीता। यह जम्मू-कश्मीर का पहला बीसीसीआई खिताब था।
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प्रशासन में भी बढ़ा जम्मू-कश्मीर का कद
मैदान पर मिली सफलताओं के साथ क्रिकेट प्रशासन में भी जम्मू-कश्मीर से जुड़े चेहरे ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी संभाली। पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर मिथुन मन्हास सितंबर 2025 में बीसीसीआई के अध्यक्ष चुने गए। वह बोर्ड के 37वें अध्यक्ष बने। उनके निर्वाचन के साथ जम्मू-कश्मीर से जुड़े क्रिकेट चेहरे को भारतीय क्रिकेट प्रशासन के सर्वोच्च पद पर पहुंचने का अवसर मिला। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में चुनाव हुए।
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अंडर-16 ने विजय मर्चेंट ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप का खिताब जीता, महिला क्रिकेट में भी उभरी नई प्रतिभाएं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए 2025 और 2026 में अब तक का सफर सिर्फ एक शानदार साल नहीं, बल्कि उस बदलाव की तस्वीर है जिसका इंतजार लंबे समय से था। सीनियर टीम ने 67 साल के बाद 28 फरवरी 2026 को पहली बार रणजी ट्रॉफी पर कब्जा किया। अंडर-16 टीम ने विजय मर्चेंट ट्रॉफी के प्लेट ग्रुप का खिताब जीतकर अगली पीढ़ी की ताकत दिखाई।
प्रदेश के खिलाड़ियों ने आईपीएल और भारतीय टीम तक दस्तक दी। नाॅर्थ जोन में भी जम्मू-कश्मीर की मौजूदगी मजबूत हुई। महिला क्रिकेट में नई प्रतिभाओं के उभार ने इस तस्वीर को और व्यापक बनाया। यानी यह किसी एक टीम या एक टूर्नामेंट की सफलता नहीं, बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के बदलते स्वरूप की कहानी है। रणजी सत्र में जम्मू-कश्मीर ने लीग चरण से ही अपनी दावेदारी मजबूत की थी। टीम ने राजस्थान, दिल्ली और हैदराबाद जैसी टीमों को हराया। क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश और सेमीफाइनल में बंगाल को मात देकर फाइनल में जगह पक्की की। खिताबी मुकाबले में आठ बार की चैंपियन कर्नाटक से टक्कर थी। मजबूत टीम के खिलाफ पहली पारी में 291 रन की बढ़त हासिल कर जम्मू-कश्मीर ने खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक अभियान के सबसे बड़े सितारे रहे आकिब नबी। उन्होंने 10 मैचों में 60 विकेट लेकर टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लिए। अनुभवी कप्तान पारस डोगरा ने इस अभियान को खास बनाया। रणजी में 10 हजार रन पूरे किए और टीम को पहला खिताब दिलाया।
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जीत का दिखा असर, दलीप ट्रॉफी
की नाॅर्थ जोन की टीम बढ़ा दबदबा
रणजी चैंपियन बनने के बाद जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत का असर नाॅर्थ जोन की टीम में साफ दिखाई दी। 2026-27 दलीप ट्रॉफी के लिए नाॅर्थ जोन की 15 सदस्यीय टीम में जम्मू-कश्मीर के छह खिलाड़ी शामिल किए गए हैं। विकेटकीपर-बल्लेबाज कन्हैया वाधवान को कप्तान बनाया गया है।
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मिजोरम को हराकर विजय
मर्चेंट ट्रॉफी प्लेट ग्रुप जीता
रणजी ट्रॉफी की ऐतिहासिक जीत से पहले ही जम्मू-कश्मीर की अंडर-16 टीम ने भी इतिहास रचा था। चार से सात जनवरी तक सूरत में खेले गए फाइनल में जम्मू-कश्मीर ने मिजोरम को पारी और 182 रन से हराकर विजय मर्चेंट ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का खिताब जीता। यह जम्मू-कश्मीर का पहला बीसीसीआई खिताब था।
प्रशासन में भी बढ़ा जम्मू-कश्मीर का कद
मैदान पर मिली सफलताओं के साथ क्रिकेट प्रशासन में भी जम्मू-कश्मीर से जुड़े चेहरे ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी संभाली। पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर मिथुन मन्हास सितंबर 2025 में बीसीसीआई के अध्यक्ष चुने गए। वह बोर्ड के 37वें अध्यक्ष बने। उनके निर्वाचन के साथ जम्मू-कश्मीर से जुड़े क्रिकेट चेहरे को भारतीय क्रिकेट प्रशासन के सर्वोच्च पद पर पहुंचने का अवसर मिला। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में चुनाव हुए।