कोरोना को फैलने से रोकने के लिए चल रहे लॉकडाउन एवं अन्य प्रतिबंधों के बीच माह-ए-रमजान में घाटी की मस्जिदें सुनसान हैं। रमजान महीने के पहले जुमे की नमाज लोगों ने अपने घरों में रहकर ही अदा की।
ये हैं घाटी की प्रमुख मस्जिदें
जामिया मस्जिदः इसका निर्माण सुल्तान सिकंदर ने करवाया था।
शाह हमदान मस्जिदः यह मस्जिद श्रीनगर शहर की सबसे पुरानी मस्जिद है। जिसकी दीवारों पर पेपरमाशी की कारीगरी की गई है।
पत्थर मस्जिदः यह मस्जिद पत्थर से बनी हुई है। इसका निर्माण नूरजहां ने करवाया था। उस दौरान इसमें सिर्फ शिया मुसलमान ही इबादत करते थे।
हजरत बल दरगाह जोकि श्रीनगर शहर से 9 किमी की दूरी पर है। एक ओर झील तथा दूसरी ओर पर्वत श्रृंखला होने के कारण यह बहुत ही खूबसूरत दिखती है।
आगे की स्लाइड में देखें तस्वीरें और जानें कुछ अहम बातें....
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रमजान माह
- फोटो : बासित जरगर
रमजान महीने के पहले जुमे के मौके पर स्थानीय निवासी मलिक ने कहा कि हम सभी ने अपने घरों में ही अल्लाह की इबादत की है। क्योंकि लॉकडाउन के चलते मस्जिदों में लोगों को नमाज अदा करने की अनुमति नहीं है।
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रमजान माह
- फोटो : बासित जरगर
उन्होंने कहा कि हमें लॉकडाउन का पालन करना चाहिए। कहा कि रोजेदार अल्लाह से दुआ करें कि घाटी के साथ ही पूरी दुनिया में जल्द ही अमन-चैन हो।
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रमजान माह
- फोटो : बासित जरगर
गौरतलब है कि कोरोना महामारी को देखते हुए देश में लॉकडाउन और अन्य कई प्रकार के प्रतिबंध लगाते हुए कहीं पर भी किसी भी प्रकार के धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक आयोजनों पर रोक लगाई गई है।
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रमजान माह
- फोटो : बासित जरगर
इसी क्रम में मुस्लिम समुदाय के धार्मिक नेताओं और उलेमाओं ने लोगों से अपील की है कि वो रमजान माह में घर में रहकर अल्लाह की इबादत करें।