कश्मीर घाटी हर मौसम में अलग नज़ारे के लिए मशहूर है। सर्दी में यहां विशेष व्यंजन लोगों को आकर्षित करता है, वह है हरिसा। हरिसा न केवल स्वादिष्ट व्यंजन है बल्कि सर्दियों के मौसम में इसका सेवन करना इंसान के शरीर के लिए अलग ही महत्व रखता है।
सर्दियों में होने वाली बीमारियों के अलावा कई अन्य रोगों की एकमात्र दवा हरिसा है। घाटी में हड्डियां जमा देने वाली ठंड से बचने और शारीरिक फुर्ती वापिस लाने के लिए कश्मीर में लोगों की पहली पसंद होता है हरिसा।
रिवायती हरिसे की दुकानें श्रीनगर के पुराने शहर के नवाकदल, राजौरी कदल, सराफ कदल, गोजवारा, आदि इलाकों में होती थी, लेकिन अब इसकी बढ़ती डिमांड को देख श्रीनगर समेत घाटी में हर जगह इसकी दुकानें खुल चुकी हैं।
श्रीनगर में माईसुमा इलाके में हरिसा बनाने वाले मोह मद इसाक के अनुसार इस हरिसा को बनाने के लिए ख़ास महारत हासिल होनी चाहिए। यह बनाना हर किसी के बस की बात नहीं, क्योंकि इसे स्वादिष्ट बनाने के लिए साही मीट का चयन और अच्छे मसलों का चयन एक कला है।
दुकानदार इसाक के अनुसार सुबह की नमाज़ से ही लोगों का रश हरिसा खाने के लिए दुकानों पर लग जाता है। और करीब 11 से 11: 30 बजे तक ख़त्म हो गया होता है।