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8 साल में छह गुना बढ़ी पाक स्नाइपरों की रेंज, सीमा पर तैनात हैं अमेरिका और ऑस्ट्रिया की बंदूकें

Mon, 04 Feb 2019 05:37 PM IST
अनिल पांडेय प्रांजल दीक्षित, जम्मू
प्रांजल दीक्षित, जम्मू Published by: अनिल पांडेय Updated Mon, 04 Feb 2019 05:37 PM IST
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pakistan increased its sniper rifle range on loc and international border
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सामने की लड़ाई में मुंह की खाने वाला पाकिस्तान अब नए पैंतरे के साथ भारतीय जवानों को निशाना बना रहा है। एलओसी हो या फिर बार्डर दोनों ही जगहों पर पाकिस्तानी सैनिक अधिक दूरी तक मार करने वाली स्नाइपर राइफलों का इस्तेमाल कर रहा है जिससे भारतीय सैनिकों को ज्यादा नुकसान हो रहा है। पाक सेना ने स्नाइपर को अपना प्रमुख हथियार बना लिया है। इसका अंदाजा यहीं से लगा सकते हैं कि पिछले आठ सालों में पाक स्नाइपरों की रेंज छह गुना तक बढ़ गई है।


 
pakistan increased its sniper rifle range on loc and international border
loc - फोटो : फाइल
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की तरफ से एलओसी पर अधिकतर 2 हजार मीटर और न्यूनतम 800 मीटर दूरी पर मार करने वाली स्नाइपर राइफलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसी चार राइफले हैं, जिनका सबसे अधिक इस्तेमाल हो रहा है। इनमें रेंज मास्टर- 50(2000 मीटर), यूएसए निर्मित, बैरेट एम- 82(1800 मीटर) यूएसए,  रैमिंगटन माड्यूलर (1500 मीटर) यूएसए, , एसटीईवाईआर- 69(800 मीटर) आस्ट्रिया शामिल हैं।  

 
pakistan increased its sniper rifle range on loc and international border
International Border
आठ साल पहले पाकिस्तानी सैनिक 300 मीटर तक मार करने वाली स्नाइपरों का इस्तेमाल करते थे जो बढ़कर 2000  मीटर तक पहुंच चुकी है। इंटरनेशनल बार्डर पर पाकिस्तान की तरफ से 800 मीटर तक की दूरी पर मार करने वाली स्नाइपर इस्तेमाल हो रही हैं। पिछले दो सालों में सबसे अधिक नुकसान स्नाइपर हमलों से ही हुआ है।

 
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डेमो पिक्चर
इन स्नाइपर का हो रहा इस्तेमाल
रेंज मास्टर- 50(2000 मीटर), यूएसए निर्मित
 बैरेट एम- 82(1800 मीटर) यूएसए
 रैमिंगटन माड्यूलर (1500 मीटर) यूएसए
 एसटीईवाईआर- 69(800 मीटर) आस्ट्रिया

 
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indian army - फोटो : बासित जरगर
दो सालों में इतना हुआ नुकसान
2017 में स्नाइपरों हमलों में एलओसी और बार्डर पर दो दर्जन से अधिक जवान शहीद हो गए। इसके अलावा 2018 में भी स्नाइपरों हमलों में दो दर्जन के करीब सैन्य अफसरों और जवान शहीद हो गए। अकेले इंटरनेशनल बार्डर पर 2018 में 12 जवान शहीद हो गए। हालांकि इसमें स्नाइपर हमलों से शहीद होने वाले कम हैं। 11 नवंबर 2018 को नौशेरा में जवान शहीद हुआ। 21 दिसंबर कुपवाड़ा में दो सैन्य अफसर शहीद हो गए। 26 नवंबर 2018 कुपवाड़ा में सैन्य जवान घायल हो गया। अब हाल ही में 15 जनवरी को हीरानगर में बीएसएफ शहीद हो गया।

 
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