पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने महीनों की नजरबंदी के अनुभवों के आधार पर लॉकडाउन और क्वारंटीन में अपने आपको महफूज रखने व दिन बिताने के टिप्स दिए हैं। उन्होंने स्वच्छ हवा में गहरी सांस लेने, कसरत करने और संगीत सुनने का सुझाव दिया है। उन्होंने कई ट्वीट कर इस संबंध में सुझाव दिए।
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उमर अब्दुल्ला
- फोटो : सोशल मीडिया
कहा कि शुद्ध हवा निश्चित रूप से सहायक है। वह भी खुली खिड़की के सामने गहरी सांसें लेना। लोग अपना रूटीन तय करें और उसका पालन शुरू करें। वह उप जेल हरि निवास में ही रहे और उन्होंने अपना रूटीन बना लिया था। इसने मुझमें उद्देश्य का भाव जगाया। साथ ही लक्ष्यविहीन या खोने का भाव पैदा होने से रोका। एक्सरसाइज, एक्सरसाइज और एक्सरसाइज... वह इससे ज्यादा इस बिंदु का और ज्यादा महत्व नहीं बता सकते।
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omar abdullah
- फोटो : Social Media
कॉरिडोर में टहलना और सीढ़ियों पर चढ़ना उतरना। तनाव को कम करने के लिए कई मोबाइल एप्लीकेशन हैं। संगीत और गहरी नींद व्यापक रूप से मदद करेंगे। तनाव आज सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं कि वे एक कमरे में कैद हो गए हैं, लेकिन आज लग रहा है कि एक एमआरआई मशीन में रख दिया गया है।
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परिवार संग उमर अब्दुल्ला
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने प्रशासन से अपील की कि वह तत्काल हस्तक्षेप करते हुए अनिवार्य लॉकडाउन और आवश्यक वस्तुओं को लेने के लिए लोगों को अनुमति देने के बीच संतुलन स्थापित करें। कहा कि लॉकडाउन लागू करने के तरीके से श्रीनगर समेत अन्य इलाकों से लोगों को आवश्यक सामान-सब्जियों, दूध, दवा के लिए जूझने की खबरें आ रही हैं।
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उमर अब्दुल्ला
- फोटो : Social Media
लॉकडाउन से पहले सरकार को यह व्यवस्था करनी चाहिए थी कि किसी को आवास से निकाला न जाए। कई मकान मालिकों की ओर से जबरन उन्हें निकाला जा रहा है। इस वजह से वे गांव जाने को विवश हैं।