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जम्मू-कश्मीर : स्कूल परिसरों में लगेंगे औषधीय पौधे, बच्चों में पोषण को बढ़ावा देने को किए जा रहे प्रयास
Wed, 17 Feb 2021 12:00 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Wed, 17 Feb 2021 12:00 PM IST
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प्रदेश के सरकारी स्कूलों में हर्बल क्रांति लाई जाएगी। इसके लिए स्कूलों में हर्बल गार्डन में औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। पहले चरण में जम्मू-कश्मीर में विस्तारित किए जा रहे 94 हेल्थ एंड वेलनेस आयुष केंद्रों के पास वाले स्कूलों को कवर किया जाएगा। प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों के पास करीब 500 स्कूलों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें बच्चों को औषधीय पौधों को लेकर जागरूक करने के साथ उनकी जीवनशैली से इन्हें जोड़ा जाएगा।
Garden
- फोटो : Amar Ujala
जम्मू जिले में पहले चरण में नौ हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों की शिनाख्त की गई है। इसमें सुंजवां, दोमाना, मजुआ, बासपुर, शामाचक्क, खंडवाल, डोरी डगेर, मावा ब्राह्मणा, सोहल केंद्रों के पास मिडिल, प्राइमरी और हाई स्कूल तक के सरकारी स्कूलों में हर्बल गार्डन विकसित किए जाएंगे। प्रदेश स्तर पर ऐसे स्कूलों में हर्बल गार्डन की जगह के लिए आईएसएम निदेशालय ने स्कूली शिक्षा विभाग को लिखा है।
iim jammu
इसके साथ विभागीय स्तर पर ब्लॉक स्तर के स्कूलों को भी लिखित में जगह के लिए सूचित किया जा रहा है। ऐसे स्कूलों में वन, कृषि विश्वविद्यालय, आईआईआईएम सहित अन्य स्रोतों के साधन से स्थानीय स्तर के औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इसमें हरड़, बीड़ा, आमला, बेल, नीम, कुटुज, कामला, कड़ी पत्र, गोक्षर, गिलोए, तुलसी, पुदीना, सौंफ आदि के पौधे होंगे।
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रखरखाव के लिए आईएसएम निदेशालय देगा राशि
स्कूलों में हर्बल गार्डन के रखरखाव और दूसरे कार्यों के लिए आईएसएम निदेशालय की ओर से राशि भी आवंटित की जाएगी। हर्बल गार्डन विकसित होने पर विभाग के डॉक्टर वहां पहुंचकर बच्चों को औषधीय पौधों के बारे में जागरूक करेंगे, जिन्हें वे अपनी दिनचर्या में शामिल करके पोषण स्तर पर मजबूत हो सकें। ये एक तरह से ऐसा होगा जैसे मिड डे मील में बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जाता है उसी तरह औषधीय पौधों से उनके पोषण को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि हमारी आयुष पद्धति में चिकित्सा देखभाल और हमारी जीवनशैली में औषधीय पौधों का कितना महत्व है।
स्कूलों में हर्बल गार्डन के रखरखाव और दूसरे कार्यों के लिए आईएसएम निदेशालय की ओर से राशि भी आवंटित की जाएगी। हर्बल गार्डन विकसित होने पर विभाग के डॉक्टर वहां पहुंचकर बच्चों को औषधीय पौधों के बारे में जागरूक करेंगे, जिन्हें वे अपनी दिनचर्या में शामिल करके पोषण स्तर पर मजबूत हो सकें। ये एक तरह से ऐसा होगा जैसे मिड डे मील में बच्चों को पौष्टिक आहार दिया जाता है उसी तरह औषधीय पौधों से उनके पोषण को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि हमारी आयुष पद्धति में चिकित्सा देखभाल और हमारी जीवनशैली में औषधीय पौधों का कितना महत्व है।
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तुलसी का पौधा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Pixabay
आगामी समय में सरकारी स्कूलों में हर्बल गार्डन को बढ़ावा मिलेगा। इसका उद्देश्य बच्चों को संस्कारी स्तर पर औषधीय पौधों से जोड़ना है, जिससे वे उनका उचित इस्तेमाल कर सकें। - डॉ. सुरेश शर्मा, सहायक जिला मेडिकल अधिकारी, आईएसएम
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